एंटीस्नेक इंजेक्शन के अभाव से हुई बालिका की मौत, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

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सिवनी – जिले के शासकीय चिकित्सालय झूठे साबित हो रहे हैं। विकासखंड कुरई में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात एक मासूम बालिका को सर्पदश की शिकार हो गई। सर्पदंश की शिकार हुई ११ वर्षीय मासूम बालिका को कुरई सामुदयिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं होने के कारण सर्पदंश की शिकार बालिका को बचाया नहीं जा सका। सर्पदंश से हुई मौत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और उपचार के लिए कितनी मात्रा में दवाई हैं उसकी पोल खोल कर सबके सामने रख दी है।

सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद कुरई से महज १२ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर ग्राम निवासी आयुषि पिता अखिलेश यादव (११) को सर्प ने डस लिया था। सर्पदंश की शिकार आयुषी को परिजनों द्वारा तत्परता दिखाते हुए कुरई के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जाया गया, जहां चिकित्सको द्वारा इलाज के नाम पर एक बोतल में एंटीबायोटिक भरकर इलाज किया गया। वहीं परिजनों जानकारी दी गई कि यहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं है। इसके लिए बालिका को कुरई स्वास्थ्य केन्द्र से जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां रात में शहर सीमा से लगे गांव खैरी पहुंचते-पहुंचते बालिका की तबीयत और भी ज्यादा बिगड गई।
सर्पदंश से पीडित आयुषी के चाचा शैलेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार की रात्रि आयुषी प्रतिदिन की भॉंति अपनी दादी वंदना यादव के साथ सोई थी लेकिन शुक्रवार -गुरुवार की रात्रि आयुषी अपनी मां गायत्री यादव के साथ सो गई थी। दीवान में सोते समय आयुषी का हाथ नीचे की ओर लटका हुआ था तभी रात्रि में आयुषी को आभास हुआ कि उसे किसी कीड़े ने काट लिया है, वह उठकर दादी के पास पहुंची और दाएं हाथ की तीसरी उंगली में किसी कीड़े के काटने की बात बताई गई। जहां से हल्का खून भी निकल रहा था। परिजनो द्वारा तत्काल आयुषी को सांप के काटे जाने की आशंका होने पर उसे उपचारार्थ गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि १.३० बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई लेजाया गया। जहां डॉक्टरों ने आयुषी का इलाज तो किया है लेकिन एंटीबायोटिक से काम चलाया। वहीं उन्होंने परिजनों को बताया गया कि अस्पताल में सर्प के कांटे जाने पर बचाव के लिए यहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं है और डॉक्टर ने कुरई से जिला अस्पताल सिवनी रेफर कर दिया जहां परिजनो द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय में लाया गया। जहां मुख्यालय पहुॅचते-पहुंचते ग्राम खैरी के पास आयुषी की हालत गंभीर हो गई। जिसके बाद सर्पदंश से पीडिता को जिला चिकित्सालय में उपचारार्थ लाया गया जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान आयुषी के शरीर में सर्प का जहर फैल जाने से उसकी मौत हो जाने की सूचना दी। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। अखिलेश यादव की दो संताने हैं
वहीं आयुशी की मौत हो जाने से में ग्रामवासियों में इस बात का भी दुख व आक्रोश व्याप्त है कि कुरई विकासखंड अंतर्गत ६२ पंचायतें आती हैं इतनी अधिक पंचायत व अत्यधिक गांव वाले विकासखंड कुरई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के नाम पर घोर लापरवाही हो रही है। ग्रामवासियों ने कुरई स्वास्थ्य केन्द्र में अक्सर दवाओं इंजेक्शन का टोटा होने का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणो ने बताया कि कुत्ते काटे और सर्प दंश के शिकार मरीजों के लिए यहां इससे बचाव के इंजेक्शन समय पर उपलब्ध नही होते हैं। अस्पताल में दवाओं इंजेक्शन के टोटे के चलते लोगों की असमय मौत हो रही है। क्षेत्रवासियों ने यहां के जनप्रतिनिधि पर भी जनता के बेहतर स्वास्थ्य इलाज के लिए ध्यान नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया है। सर्पदंश की शिकार आयुषी का शुक्रवार की शाम ४.०० बजे अंतिम संस्कार किया गया।

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सिवनी – जिले के शासकीय चिकित्सालय झूठे साबित हो रहे हैं। विकासखंड कुरई में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात एक मासूम बालिका को सर्पदश की शिकार हो गई। सर्पदंश की शिकार हुई ११ वर्षीय मासूम बालिका को कुरई सामुदयिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं होने के कारण सर्पदंश की शिकार बालिका को बचाया नहीं जा सका। सर्पदंश से हुई मौत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और उपचार के लिए कितनी मात्रा में दवाई हैं उसकी पोल खोल कर सबके सामने रख दी है।

सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक जनपद कुरई से महज १२ किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोरखपुर ग्राम निवासी आयुषि पिता अखिलेश यादव (११) को सर्प ने डस लिया था। सर्पदंश की शिकार आयुषी को परिजनों द्वारा तत्परता दिखाते हुए कुरई के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जाया गया, जहां चिकित्सको द्वारा इलाज के नाम पर एक बोतल में एंटीबायोटिक भरकर इलाज किया गया। वहीं परिजनों जानकारी दी गई कि यहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं है। इसके लिए बालिका को कुरई स्वास्थ्य केन्द्र से जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां रात में शहर सीमा से लगे गांव खैरी पहुंचते-पहुंचते बालिका की तबीयत और भी ज्यादा बिगड गई।
सर्पदंश से पीडित आयुषी के चाचा शैलेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार की रात्रि आयुषी प्रतिदिन की भॉंति अपनी दादी वंदना यादव के साथ सोई थी लेकिन शुक्रवार -गुरुवार की रात्रि आयुषी अपनी मां गायत्री यादव के साथ सो गई थी। दीवान में सोते समय आयुषी का हाथ नीचे की ओर लटका हुआ था तभी रात्रि में आयुषी को आभास हुआ कि उसे किसी कीड़े ने काट लिया है, वह उठकर दादी के पास पहुंची और दाएं हाथ की तीसरी उंगली में किसी कीड़े के काटने की बात बताई गई। जहां से हल्का खून भी निकल रहा था। परिजनो द्वारा तत्काल आयुषी को सांप के काटे जाने की आशंका होने पर उसे उपचारार्थ गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि १.३० बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई लेजाया गया। जहां डॉक्टरों ने आयुषी का इलाज तो किया है लेकिन एंटीबायोटिक से काम चलाया। वहीं उन्होंने परिजनों को बताया गया कि अस्पताल में सर्प के कांटे जाने पर बचाव के लिए यहां एंटी स्नेक इंजेक्शन नहीं है और डॉक्टर ने कुरई से जिला अस्पताल सिवनी रेफर कर दिया जहां परिजनो द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय में लाया गया। जहां मुख्यालय पहुॅचते-पहुंचते ग्राम खैरी के पास आयुषी की हालत गंभीर हो गई। जिसके बाद सर्पदंश से पीडिता को जिला चिकित्सालय में उपचारार्थ लाया गया जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान आयुषी के शरीर में सर्प का जहर फैल जाने से उसकी मौत हो जाने की सूचना दी। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। अखिलेश यादव की दो संताने हैं
वहीं आयुशी की मौत हो जाने से में ग्रामवासियों में इस बात का भी दुख व आक्रोश व्याप्त है कि कुरई विकासखंड अंतर्गत ६२ पंचायतें आती हैं इतनी अधिक पंचायत व अत्यधिक गांव वाले विकासखंड कुरई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के नाम पर घोर लापरवाही हो रही है। ग्रामवासियों ने कुरई स्वास्थ्य केन्द्र में अक्सर दवाओं इंजेक्शन का टोटा होने का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणो ने बताया कि कुत्ते काटे और सर्प दंश के शिकार मरीजों के लिए यहां इससे बचाव के इंजेक्शन समय पर उपलब्ध नही होते हैं। अस्पताल में दवाओं इंजेक्शन के टोटे के चलते लोगों की असमय मौत हो रही है। क्षेत्रवासियों ने यहां के जनप्रतिनिधि पर भी जनता के बेहतर स्वास्थ्य इलाज के लिए ध्यान नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया है। सर्पदंश की शिकार आयुषी का शुक्रवार की शाम ४.०० बजे अंतिम संस्कार किया गया।

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