रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ रोजगार सहायक

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ग्राम पंचायत ढूटेरा (उगली) में भ्रष्टचार चरम पर

 

केवलारी- महात्मा गांधी के सपने के भारत में पंचायतीराज व्यवथा पर लगातार जिस तरह से भ्रष्टचार के माध्यम से प्रहार किया जा रहा है उस हिसाब से माना जा सकता है कि गांधी जी का सपना सपना ही रह जायेगा। जिसे चरितार्थ कर रही है सिवनी जिले की केवलारी जनपद पंचायत। जनपद पंचायत केवलारी में भ्रष्टचार के मामले कोई नई बात नही है। आये दिन कोई न कोई पंचायत से भ्रष्टचार के मामले सामने आते रहते हैं और उनपर कोई कार्यवाही न होना ये भी कोई नई बात नही है। लगातार ग्रामीणों द्वारा शिकायतों के बाद भी भ्रष्टचारियो पर कार्यवाही करने के बजाय संरछण देना पंचायतीराज व्यवस्था पर कालिख पोतने के बराबर माना जा सकता है।

ऐसा ही एक मामला केवलारी जनपद के ही ग्राम पंचायत दुतेरा (ऊगली) में देखने को मिला जहां ग्राम पंचायत द्वारा लगातार की जा रही वित्तीय अनियमितताओं व रोजगार सहायक द्वारा बिना रिश्वत की कार्य नही किया जा रहा है। बिना काम करे पंचायत सचिव ,सरपंच वा रोजगार सहायक द्वारा शासकीय राशि का गमन किया गया। निर्माण कार्य किए बिना अनेक सामग्रियों के बिल लगाकर राशि आहरित कर ली गई जबकि आज दिनांक तक कोई निर्माण कार्य नही किया गए। वही दूसरी ओर गांव के मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने वाली मनरेगा योजना को भी पतीला लगाया जा रहा है। फर्जी मस्टरोल भरकर अपने करीबियों को लाभ देने का काम किया जा रहा है। वही कुछ मजदूरों ने बताया कि उनकी हाजरी तो भरी जाती है परंतु रोजगार सहायक द्वारा बैंक लेजाकर राशि निकलकर स्वयं रख ली जाती है। इसके साथ ही योजनाओं का लाभ दिलाने के एवज में रोजगार सहायक द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है जिसकी जानकाई जनपद सीईओ को भी हे परंतु जानकारी के बाद भी कोई कार्यवाही न करना कहीं न कही आपसी साठ गांठ को ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि आरोपी रोजगार सहायक प्रहलाद पटेल को वीडियो वायरल होने के बाद जनपद सीईओ सुमन खातरकर क्या कार्यवाही करते है।

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ग्राम पंचायत ढूटेरा (उगली) में भ्रष्टचार चरम पर

 

केवलारी- महात्मा गांधी के सपने के भारत में पंचायतीराज व्यवथा पर लगातार जिस तरह से भ्रष्टचार के माध्यम से प्रहार किया जा रहा है उस हिसाब से माना जा सकता है कि गांधी जी का सपना सपना ही रह जायेगा। जिसे चरितार्थ कर रही है सिवनी जिले की केवलारी जनपद पंचायत। जनपद पंचायत केवलारी में भ्रष्टचार के मामले कोई नई बात नही है। आये दिन कोई न कोई पंचायत से भ्रष्टचार के मामले सामने आते रहते हैं और उनपर कोई कार्यवाही न होना ये भी कोई नई बात नही है। लगातार ग्रामीणों द्वारा शिकायतों के बाद भी भ्रष्टचारियो पर कार्यवाही करने के बजाय संरछण देना पंचायतीराज व्यवस्था पर कालिख पोतने के बराबर माना जा सकता है।

ऐसा ही एक मामला केवलारी जनपद के ही ग्राम पंचायत दुतेरा (ऊगली) में देखने को मिला जहां ग्राम पंचायत द्वारा लगातार की जा रही वित्तीय अनियमितताओं व रोजगार सहायक द्वारा बिना रिश्वत की कार्य नही किया जा रहा है। बिना काम करे पंचायत सचिव ,सरपंच वा रोजगार सहायक द्वारा शासकीय राशि का गमन किया गया। निर्माण कार्य किए बिना अनेक सामग्रियों के बिल लगाकर राशि आहरित कर ली गई जबकि आज दिनांक तक कोई निर्माण कार्य नही किया गए। वही दूसरी ओर गांव के मजदूरों को गांव में ही रोजगार देने वाली मनरेगा योजना को भी पतीला लगाया जा रहा है। फर्जी मस्टरोल भरकर अपने करीबियों को लाभ देने का काम किया जा रहा है। वही कुछ मजदूरों ने बताया कि उनकी हाजरी तो भरी जाती है परंतु रोजगार सहायक द्वारा बैंक लेजाकर राशि निकलकर स्वयं रख ली जाती है। इसके साथ ही योजनाओं का लाभ दिलाने के एवज में रोजगार सहायक द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है जिसकी जानकाई जनपद सीईओ को भी हे परंतु जानकारी के बाद भी कोई कार्यवाही न करना कहीं न कही आपसी साठ गांठ को ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि आरोपी रोजगार सहायक प्रहलाद पटेल को वीडियो वायरल होने के बाद जनपद सीईओ सुमन खातरकर क्या कार्यवाही करते है।

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