सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक की मनमानी के चलते खुलेआम चल रहा भ्रष्टाचार का खेल

फर्जी तरीके से राशि आहरण कर सरकार को लगाया जा रहा है चूना

जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखार का मामला

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संवाददाता – नितिन डेहरिया की रिपोर्ट…….
केवलारी। सिवनी जिले के जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सोनखार में इन दिनों सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक की मिलीभगत के चलते खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है, जिसमें शासन प्रशासन की उदासीनता साफ झलक रही है। निरंतर शिकायतों के बावजूद भी भ्रष्ट सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके परिणाम स्वरूप इन पंचायत कर्मियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इन्हें शासन प्रशासन का कोई खौफ नहीं है और खौफ होगा भी कैसे “जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का” इसी की तर्ज पर ग्राम पंचायत सोनखार के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा शासकीय राशि को फर्जी तरीके से आहरित कर लाखों रुपये का गबन कर सरकार को पलीता लगाया जा रहा है।
आपको बता दें कि मामला केवलारी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखार का है, जहां सरपंच एवं सचिव एवं रोजगार सहायक की मनमानी के चलते विकास का पहिया थमा हुआ है, साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते ग्रामवासी खासे परेशान नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि ग्राम वासियों के आग्रह पर जब मीडिया कर्मियों ने उक्त मामले की पड़ताल की और इस संबंध में सरपंच सचिव से जानकारी लेनी चाहिए तो सरपंच सचिव द्वारा मीडिया कर्मियों से अभद्र तरीके से व्यवहार किया गया, एवं किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं उक्त पंचायत कर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त है? इन पंचायतकर्मियों के ऊपर किसी बड़े राजनेताओं का संरक्षण है? तभी इनके हौसले बुलंद है, इनके खिलाफ ना ही किसी प्रकार की कोई जांच की जा रही है ना ही किसी प्रकार का कोई ठोस कार्यवाही की जा रही है।
वहीं ग्रामीणों ने पंचायत कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास से लेकर शौचालय निर्माण, मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी तरीके से हाजिरी भर कर शासकीय राशि को गबन कर अपने भक्षण में भरा जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अंदर सी.सी. रोड का निर्माण नहीं हुआ है, ओर उसके नाम पर राशि आहरित कर ली गई है, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में एक क्षतिग्रस्त पुलिया है जिससे ग्रामीण निरंतर आवागमन कर रहे हैं, ओर कई बार दुर्घटना का शिकार हुए हैं, वहीं क्षतिग्रस्त पुलिया के ऊपर बरसात का पानी का बहाव तेज होने पर ग्रामीणों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बावजूद इसके उक्त निर्माण के नाम पर भी राशि का आहरण कर लिया गया है, किन्तु आज दिनांक तक उक्त निर्माण कार्य नही किया गया है।
वहीं ग्रामीणों ने जिले के संवेदनशील कलेक्टर से अपेक्षा जताई है कि अविलम्ब स्टॉप वेरिफिकेशन कर भ्रष्ट पंचायत कर्मियों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत सेवा से पृथक कर शासकीय राशि के हुए दुरुपयोग की वसूली की जावे, साथ ही इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावे।

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फर्जी तरीके से राशि आहरण कर सरकार को लगाया जा रहा है चूना

जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखार का मामला

संवाददाता – नितिन डेहरिया की रिपोर्ट…….
केवलारी। सिवनी जिले के जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सोनखार में इन दिनों सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक की मिलीभगत के चलते खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है, जिसमें शासन प्रशासन की उदासीनता साफ झलक रही है। निरंतर शिकायतों के बावजूद भी भ्रष्ट सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसके परिणाम स्वरूप इन पंचायत कर्मियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इन्हें शासन प्रशासन का कोई खौफ नहीं है और खौफ होगा भी कैसे “जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का” इसी की तर्ज पर ग्राम पंचायत सोनखार के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा शासकीय राशि को फर्जी तरीके से आहरित कर लाखों रुपये का गबन कर सरकार को पलीता लगाया जा रहा है।
आपको बता दें कि मामला केवलारी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनखार का है, जहां सरपंच एवं सचिव एवं रोजगार सहायक की मनमानी के चलते विकास का पहिया थमा हुआ है, साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते ग्रामवासी खासे परेशान नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि ग्राम वासियों के आग्रह पर जब मीडिया कर्मियों ने उक्त मामले की पड़ताल की और इस संबंध में सरपंच सचिव से जानकारी लेनी चाहिए तो सरपंच सचिव द्वारा मीडिया कर्मियों से अभद्र तरीके से व्यवहार किया गया, एवं किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं उक्त पंचायत कर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त है? इन पंचायतकर्मियों के ऊपर किसी बड़े राजनेताओं का संरक्षण है? तभी इनके हौसले बुलंद है, इनके खिलाफ ना ही किसी प्रकार की कोई जांच की जा रही है ना ही किसी प्रकार का कोई ठोस कार्यवाही की जा रही है।
वहीं ग्रामीणों ने पंचायत कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास से लेकर शौचालय निर्माण, मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी तरीके से हाजिरी भर कर शासकीय राशि को गबन कर अपने भक्षण में भरा जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अंदर सी.सी. रोड का निर्माण नहीं हुआ है, ओर उसके नाम पर राशि आहरित कर ली गई है, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में एक क्षतिग्रस्त पुलिया है जिससे ग्रामीण निरंतर आवागमन कर रहे हैं, ओर कई बार दुर्घटना का शिकार हुए हैं, वहीं क्षतिग्रस्त पुलिया के ऊपर बरसात का पानी का बहाव तेज होने पर ग्रामीणों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बावजूद इसके उक्त निर्माण के नाम पर भी राशि का आहरण कर लिया गया है, किन्तु आज दिनांक तक उक्त निर्माण कार्य नही किया गया है।
वहीं ग्रामीणों ने जिले के संवेदनशील कलेक्टर से अपेक्षा जताई है कि अविलम्ब स्टॉप वेरिफिकेशन कर भ्रष्ट पंचायत कर्मियों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत सेवा से पृथक कर शासकीय राशि के हुए दुरुपयोग की वसूली की जावे, साथ ही इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावे।

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