कछुआ गति से चल रहा वैनगंगा पुल का निर्माण

पुल में हुए बड़े बड़े गढ्ढे दे रहे बड़ी दुर्घटना को न्योता

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केवलारी – मंडला-सिवनी राजमार्ग पर बैनगंगा नदी पर केवलारी में बना 50 साल पुराना पुल जर्जर हालत में पहुंच गया है।पुल की जर्जर हालत को देखते हुए जनवरी 2019 में नये पुल का निर्माण कार्य पुराने पुल के पास शुरू कर दिया गया है।लेकिन तीन साल बाद भी पुल का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण अभी इस पुराने जर्जर पुल से आवागमन हो रहा है।जबकि जुलाई 2022 में अनुबंध के अनुसार पुल निर्माण पूरा होने की समय सीमा समाप्त हो रही है, लेकिन जुलाई माह तक पुल का निर्माण पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों के मुताबिक साल 2020 में भारी बारिश के कारण बैनगंगा नदी में बढ़े जल स्तर को देखते हुए पुल की ड्राइंग व डिजाइन में परिवर्तन कर इसके पिल्हर की ऊंचाई को 55-55 सेंटीमीटर बढ़ाया गया है। इसके चलते निर्माण कार्य विलंब हो रहा है, अभी तक पुल का 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। 10.62 करोड़ से बन रहा पुलः केवलारी-मंडला राजमार्ग 11 ए पर बैनगंगा नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है, जिसका ठेका मेसर्स राजश्री कंस्ट्रक्शन गुना को दिया गया है।ठेकेदार कंपनी द्वारा राजश्री कंस्ट्रक्शन ने अपनी सहयोगी संस्था राधिका कंस्ट्रक्शन सिवनी को पुल निर्माण की जिम्मेदारी सौंप दी है।पुल निर्माण पर 1062.35 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।

 

साल 2020 में केवलारी के पास नये पुल के अंतिम पिल्लर की नींव निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढे से सटा पुराने पुल का पहला स्पान का कुछ हिस्सा एप्रोच मार्ग से टूटकर नीचे गिर गया था। इसके कारण मार्च 2022 में कुछ दिनों के लिए सिवनी-मंडला राजमार्ग के बड़े पुल से आवागमन को बंद कर दिया गया था। छोटे पुल के परिवर्तित मार्ग से कई माह तक वाहनों का आवागमन करना पड़ा था।बाद में मरम्मत के बाद पुल से आवागमन शुरू कर दिया गया हैं, लेकिन जर्जर होने के कारण पुराने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य को पूरा होने में एक साल का समय और लग सकता है। ऐसे में केवलारी वासियों सहित सिवनी-मंडला मार्ग से आवागमन करने वालों को बारिश के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

 

पुल पर हुए बड़े बड़े गड्ढे दे रहे बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण

निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार व अधिकारियों ने पुल का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने पर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।अधिकारियों व ठेकेदार की अनदेखी का खामियाजा क्षेत्रवासियों व इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को बारिश के दौरान भुगतना पड़ रहा है। जहां हर रोज इन बड़े बड़े विशाल गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन विशालकाय गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहें हैं। जिससे निर्दोष वाहन चालकों की जान माला का खतरा बना रहता है। परंतु आज दिनांक तक इन गड्ढों को भरने का प्रयास भी नही किया गया है। जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटने की संभावनाएं हैं।

यही स्थिति खैरी रपता सागर पुल की भी

यही स्थिति केवलारी के नजदीक मुनगापार व धानागाड़ा के पास स्थित सागर नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल की है। यहां पर भी 90 मीटर लंबे नये उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य चल रहा हैं, जिसका काम 75 प्रतिशत पूरा हो गया है।अधिकारियों का कहना है कि बारिश से पहले नये पुल से आगवामन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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पुल में हुए बड़े बड़े गढ्ढे दे रहे बड़ी दुर्घटना को न्योता

केवलारी – मंडला-सिवनी राजमार्ग पर बैनगंगा नदी पर केवलारी में बना 50 साल पुराना पुल जर्जर हालत में पहुंच गया है।पुल की जर्जर हालत को देखते हुए जनवरी 2019 में नये पुल का निर्माण कार्य पुराने पुल के पास शुरू कर दिया गया है।लेकिन तीन साल बाद भी पुल का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण अभी इस पुराने जर्जर पुल से आवागमन हो रहा है।जबकि जुलाई 2022 में अनुबंध के अनुसार पुल निर्माण पूरा होने की समय सीमा समाप्त हो रही है, लेकिन जुलाई माह तक पुल का निर्माण पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों के मुताबिक साल 2020 में भारी बारिश के कारण बैनगंगा नदी में बढ़े जल स्तर को देखते हुए पुल की ड्राइंग व डिजाइन में परिवर्तन कर इसके पिल्हर की ऊंचाई को 55-55 सेंटीमीटर बढ़ाया गया है। इसके चलते निर्माण कार्य विलंब हो रहा है, अभी तक पुल का 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। 10.62 करोड़ से बन रहा पुलः केवलारी-मंडला राजमार्ग 11 ए पर बैनगंगा नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है, जिसका ठेका मेसर्स राजश्री कंस्ट्रक्शन गुना को दिया गया है।ठेकेदार कंपनी द्वारा राजश्री कंस्ट्रक्शन ने अपनी सहयोगी संस्था राधिका कंस्ट्रक्शन सिवनी को पुल निर्माण की जिम्मेदारी सौंप दी है।पुल निर्माण पर 1062.35 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।

 

साल 2020 में केवलारी के पास नये पुल के अंतिम पिल्लर की नींव निर्माण के दौरान खोदे गए गड्ढे से सटा पुराने पुल का पहला स्पान का कुछ हिस्सा एप्रोच मार्ग से टूटकर नीचे गिर गया था। इसके कारण मार्च 2022 में कुछ दिनों के लिए सिवनी-मंडला राजमार्ग के बड़े पुल से आवागमन को बंद कर दिया गया था। छोटे पुल के परिवर्तित मार्ग से कई माह तक वाहनों का आवागमन करना पड़ा था।बाद में मरम्मत के बाद पुल से आवागमन शुरू कर दिया गया हैं, लेकिन जर्जर होने के कारण पुराने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य को पूरा होने में एक साल का समय और लग सकता है। ऐसे में केवलारी वासियों सहित सिवनी-मंडला मार्ग से आवागमन करने वालों को बारिश के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

 

पुल पर हुए बड़े बड़े गड्ढे दे रहे बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण

निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार व अधिकारियों ने पुल का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने पर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।अधिकारियों व ठेकेदार की अनदेखी का खामियाजा क्षेत्रवासियों व इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को बारिश के दौरान भुगतना पड़ रहा है। जहां हर रोज इन बड़े बड़े विशाल गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन विशालकाय गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहें हैं। जिससे निर्दोष वाहन चालकों की जान माला का खतरा बना रहता है। परंतु आज दिनांक तक इन गड्ढों को भरने का प्रयास भी नही किया गया है। जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटने की संभावनाएं हैं।

यही स्थिति खैरी रपता सागर पुल की भी

यही स्थिति केवलारी के नजदीक मुनगापार व धानागाड़ा के पास स्थित सागर नदी पर बने अंग्रेजों के जमाने के पुल की है। यहां पर भी 90 मीटर लंबे नये उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य चल रहा हैं, जिसका काम 75 प्रतिशत पूरा हो गया है।अधिकारियों का कहना है कि बारिश से पहले नये पुल से आगवामन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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