निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों ने किया कार्य का बहिष्कार

म.प्र. यूनाइटेड फोरम फार पावर एंप्लाइज, इंजीनियर्स, एआईईईएफ व एनसीसीओईईई के आव्हान पर सिवनी में यूनाइटेड फोरम के अधिकारियों व कर्मचानियों ने इस बिल का किया विरोध 

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सिवनी। बिजली के निजीकरण के लिए संसद में रखे जा रहे इलेक्टीसिटी बिल के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने कार्य का बहिष्कार किया।मप्र यूनाइटेड फोरम फार पावर एंप्लाइज, इंजीनियर्स, एआईईईएफ व एनसीसीओईईई के आव्हान पर सिवनी में यूनाइटेड फोरम के अधिकारियों व कर्मचानियों ने इस बिल का विरोध किया गया। सुबह 8 बजे से जिले के सभी कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने अपने कार्यालय बंद कर सिवनी शहर, सिवनी ग्रामीण व ट्रांसमिशन कंपनी कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध जताया। सिवनी व लखनादौन संभाग के सभी वितरण केंद्रों बंडोल, मुंगवानी, गोपालगंज बादलपार कुरई, अरी, केवलारी,कान्हीवाडा़, खैरापलारी बरघाट व अन्य सभी वितरण केंद्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी विरोध स्वरूप एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया।सुबह 8 बजे से जिले के सभी कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने अपने कार्यालय बंद कर सिवनी शहर, सिवनी ग्रामीण व ट्रांसमिशन कंपनी कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध जताया। सिवनी व लखनादौन संभाग के सभी वितरण केंद्रों बंडोल, मुंगवानी, गोपालगंज बादलपार कुरई, अरी, केवलारी, कान्हीवाडा़, खैरापलारी बरघाट व अन्य सभी वितरण केंद्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी विरोध स्वरूप एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया।

एक दिवसीय कार्य बहिष्कार की अगुआई कर रहे जिला सिवनी के यूनाईटेड फोरम के अध्यक्ष एमएल साहू, कार्यपालन अभियंता, जिला संयोजक, संतोष पटेल, घनश्याभम खंडेलवाल, दुर्गा प्रसाद शर्मा, विजय इनवाती, जीपी हेडाउ, संजय क्षत्री, एसआर बागवान, नरेश मिश्रा, विनोद सोनी, ओपी डहेरिया, आनंद ताम्रकार, प्रीतम कुल्हागडे, सहायक अभियंता मोहोबे, शंशाक चौरसिया, सहायक अभियंता, इरफान खान, मीडिया प्रभारी ने इलेक्टीससिटी (अमेंडमेंट) बिल से होने वाले नुकसान के संबंध में अपने विचार रखे।उन्होंने बताया कि इस बिल से कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ साथ किसानों व आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों का भी हनन होगा। साथ ही बिल में ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं जो कि बिना बिजली के स्टेक होल्डर के सहमति बिना पास कराया जाना उचित नहीं होगा।

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म.प्र. यूनाइटेड फोरम फार पावर एंप्लाइज, इंजीनियर्स, एआईईईएफ व एनसीसीओईईई के आव्हान पर सिवनी में यूनाइटेड फोरम के अधिकारियों व कर्मचानियों ने इस बिल का किया विरोध 

सिवनी। बिजली के निजीकरण के लिए संसद में रखे जा रहे इलेक्टीसिटी बिल के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों ने कार्य का बहिष्कार किया।मप्र यूनाइटेड फोरम फार पावर एंप्लाइज, इंजीनियर्स, एआईईईएफ व एनसीसीओईईई के आव्हान पर सिवनी में यूनाइटेड फोरम के अधिकारियों व कर्मचानियों ने इस बिल का विरोध किया गया। सुबह 8 बजे से जिले के सभी कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने अपने कार्यालय बंद कर सिवनी शहर, सिवनी ग्रामीण व ट्रांसमिशन कंपनी कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध जताया। सिवनी व लखनादौन संभाग के सभी वितरण केंद्रों बंडोल, मुंगवानी, गोपालगंज बादलपार कुरई, अरी, केवलारी,कान्हीवाडा़, खैरापलारी बरघाट व अन्य सभी वितरण केंद्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी विरोध स्वरूप एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया।सुबह 8 बजे से जिले के सभी कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने अपने कार्यालय बंद कर सिवनी शहर, सिवनी ग्रामीण व ट्रांसमिशन कंपनी कार्यालय के सामने एकत्रित होकर विरोध जताया। सिवनी व लखनादौन संभाग के सभी वितरण केंद्रों बंडोल, मुंगवानी, गोपालगंज बादलपार कुरई, अरी, केवलारी, कान्हीवाडा़, खैरापलारी बरघाट व अन्य सभी वितरण केंद्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी विरोध स्वरूप एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया।

एक दिवसीय कार्य बहिष्कार की अगुआई कर रहे जिला सिवनी के यूनाईटेड फोरम के अध्यक्ष एमएल साहू, कार्यपालन अभियंता, जिला संयोजक, संतोष पटेल, घनश्याभम खंडेलवाल, दुर्गा प्रसाद शर्मा, विजय इनवाती, जीपी हेडाउ, संजय क्षत्री, एसआर बागवान, नरेश मिश्रा, विनोद सोनी, ओपी डहेरिया, आनंद ताम्रकार, प्रीतम कुल्हागडे, सहायक अभियंता मोहोबे, शंशाक चौरसिया, सहायक अभियंता, इरफान खान, मीडिया प्रभारी ने इलेक्टीससिटी (अमेंडमेंट) बिल से होने वाले नुकसान के संबंध में अपने विचार रखे।उन्होंने बताया कि इस बिल से कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ साथ किसानों व आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों का भी हनन होगा। साथ ही बिल में ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं जो कि बिना बिजली के स्टेक होल्डर के सहमति बिना पास कराया जाना उचित नहीं होगा।

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