बैतूल में बारिश का कहर…पुलिया बही, बाढ़ में घिरे श्रद्धालु:MP में अगले 3 दिन अच्छी बारिश; भोपाल-इंदौर में कोटे से ज्यादा गिरा पानी

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भोपाल। मध्य प्रदेश न्यूज डेस्क !!! मध्य प्रदेश में हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इंदौर ,जबलपुर और नर्मदापुरम में दो दिन से अच्छी बारिश हो रही है। भोपाल में देर शाम और देर रात को पानी गिरा। 24 घंटे में बैतूल में बारिश ने कहर ढा दिया। बैतूल के छोटे महादेव भोपाली में सोमवार को मेला लगा था। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए पहाड़ी नदी को पार करना पड़ता है। लोग नदी पार कर कर रहे थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई। 5-6 लोग बीच नदी में फंस गए। सभी एक टूटे पेड़ का सहारा लेकर खड़े हो गए। बैतूल के सागर‎ प्रजापति रस्सी लेकर नदी में कूदे‎ और पेड़ से रस्सी को बांधकर दूसरे सिरे‎ पर खड़े लोगों रस्सी पकड़ा दी। रस्सी के सहारे लोग नदी के बीच से बाहर आ सके।

बैतूल जिले में आठनेर मार्ग पर मासोद के पास अंभोरा नदी की पुलिया टूटकर दो हिस्सों में बंट गई। रास्ता बंद हो गया। शाहपुरा इलाके में बारिश के बीच बिजली गिरने से 13 बकरियों की मौत हो गई। दो चरवाहे घायल हो गए। जिले के प्रभातपट्‌टन में दो घंटे में 4 इंच पानी गिर गया। 40 मकानों को नुकसान हुआ। सुखतवा पुल पर पानी आने से नागपुर हाईवे 4 घंटे बंद रहा। यहां से एक परिवार बहु के गांव (केलोड महाराष्ट्र) गया हुआ था, जहां मारी नदी में स्कॉर्पियो बह गई. घटना में 6 लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है. अभी तक 3 शव बरामद कर लिए गए हैं.

बैतूल-पचमढ़ी में हो रही अच्छी बारिश की वजह से नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खोलना पड़े। रतलाम के करमदी में सोमवार शाम बारिश से उफनाए नाले में बाइक सवार पिता-पुत्र बह गए। लोगों ने दोनों को बचाया। रतलाम-झाबुआ मार्ग पर करमदी में रपटे के ऊपर से पानी बह रहा था। पार करने की कोशिश में दोनों की जान पर बन आई।

24 घंटे में कहां-कितनी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश छिंदवाड़ा और पचमढ़ी में 2- 2 इंच हुई। बैतूल और उज्जैन में 1.5-1.5 इंच, रतलाम, नर्मदापुरम, ग्वालियर में 1-1 इंच बारिश हुई। इंदौर, रायसेन, सागर, मंडला, धार, भोपाल में आधा-आधा इंच पानी गिरा। खरगोन, सिवनी, दमोह, मलाजखंड, उमरिया, दतिया, शिवपुरी और खंडवा में भी बारिश हुई।

आगे क्या…….

अब बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनने से भोपाल, सागर और शहडोल में भी तेज बारिश होना शुरू होगी। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अगले तीन दिन तक इसी तरह प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश होगी। अब तक की स्थिति में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल के कुछ इलाकों को छोड़कर शेष मध्यप्रदेश में जोरदार बारिश हुई है। अभी इस सिस्टम से इन इलाकों में ज्यादा बारिश की उम्मीद कम है।

बंगाल की खाड़ी में तैयार हो गया सिस्टम 

वर्तमान में पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास लो-प्रेशर एरिया एक्टिव हो गया है। यह मंगलवार से और ज्यादा सक्रिय हो जाएगा। मानसून ट्रफ जैसलमेर-कोटा से लेकर गुना-जबलपुर और पेंड्रा रोड होते हुए उत्तरी अंडमान सागर तक फैली है। इसी कारण मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्से इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम में अच्छी बारिश हो रही है। पश्चिमी राजस्थान के ऊपर चक्रवात सक्रिय है। महाराष्ट्र से कर्नाटक तट के समांतर अपतटीय ट्रफ भी सक्रिय हो चुकी है।

 

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भोपाल। मध्य प्रदेश न्यूज डेस्क !!! मध्य प्रदेश में हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इंदौर ,जबलपुर और नर्मदापुरम में दो दिन से अच्छी बारिश हो रही है। भोपाल में देर शाम और देर रात को पानी गिरा। 24 घंटे में बैतूल में बारिश ने कहर ढा दिया। बैतूल के छोटे महादेव भोपाली में सोमवार को मेला लगा था। मेला स्थल तक पहुंचने के लिए पहाड़ी नदी को पार करना पड़ता है। लोग नदी पार कर कर रहे थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई। 5-6 लोग बीच नदी में फंस गए। सभी एक टूटे पेड़ का सहारा लेकर खड़े हो गए। बैतूल के सागर‎ प्रजापति रस्सी लेकर नदी में कूदे‎ और पेड़ से रस्सी को बांधकर दूसरे सिरे‎ पर खड़े लोगों रस्सी पकड़ा दी। रस्सी के सहारे लोग नदी के बीच से बाहर आ सके।

बैतूल जिले में आठनेर मार्ग पर मासोद के पास अंभोरा नदी की पुलिया टूटकर दो हिस्सों में बंट गई। रास्ता बंद हो गया। शाहपुरा इलाके में बारिश के बीच बिजली गिरने से 13 बकरियों की मौत हो गई। दो चरवाहे घायल हो गए। जिले के प्रभातपट्‌टन में दो घंटे में 4 इंच पानी गिर गया। 40 मकानों को नुकसान हुआ। सुखतवा पुल पर पानी आने से नागपुर हाईवे 4 घंटे बंद रहा। यहां से एक परिवार बहु के गांव (केलोड महाराष्ट्र) गया हुआ था, जहां मारी नदी में स्कॉर्पियो बह गई. घटना में 6 लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है. अभी तक 3 शव बरामद कर लिए गए हैं.

बैतूल-पचमढ़ी में हो रही अच्छी बारिश की वजह से नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खोलना पड़े। रतलाम के करमदी में सोमवार शाम बारिश से उफनाए नाले में बाइक सवार पिता-पुत्र बह गए। लोगों ने दोनों को बचाया। रतलाम-झाबुआ मार्ग पर करमदी में रपटे के ऊपर से पानी बह रहा था। पार करने की कोशिश में दोनों की जान पर बन आई।

24 घंटे में कहां-कितनी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश छिंदवाड़ा और पचमढ़ी में 2- 2 इंच हुई। बैतूल और उज्जैन में 1.5-1.5 इंच, रतलाम, नर्मदापुरम, ग्वालियर में 1-1 इंच बारिश हुई। इंदौर, रायसेन, सागर, मंडला, धार, भोपाल में आधा-आधा इंच पानी गिरा। खरगोन, सिवनी, दमोह, मलाजखंड, उमरिया, दतिया, शिवपुरी और खंडवा में भी बारिश हुई।

आगे क्या…….

अब बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनने से भोपाल, सागर और शहडोल में भी तेज बारिश होना शुरू होगी। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अगले तीन दिन तक इसी तरह प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश होगी। अब तक की स्थिति में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकौशल के कुछ इलाकों को छोड़कर शेष मध्यप्रदेश में जोरदार बारिश हुई है। अभी इस सिस्टम से इन इलाकों में ज्यादा बारिश की उम्मीद कम है।

बंगाल की खाड़ी में तैयार हो गया सिस्टम 

वर्तमान में पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास लो-प्रेशर एरिया एक्टिव हो गया है। यह मंगलवार से और ज्यादा सक्रिय हो जाएगा। मानसून ट्रफ जैसलमेर-कोटा से लेकर गुना-जबलपुर और पेंड्रा रोड होते हुए उत्तरी अंडमान सागर तक फैली है। इसी कारण मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्से इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम में अच्छी बारिश हो रही है। पश्चिमी राजस्थान के ऊपर चक्रवात सक्रिय है। महाराष्ट्र से कर्नाटक तट के समांतर अपतटीय ट्रफ भी सक्रिय हो चुकी है।

 

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