लाखो रुपए वेतन प्राप्त करने वाले गरीब शासकीय सेवक को भी राशन दुकान से मिलता है मुफ्त राशन

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सिवनी।लाखो रूपये की वेतन प्राप्त करने वाले भी शासकीय सेवक मुफ्त का अनाज राशन दुकान से लेकर अपनी रोटी सेक रहे है। वही दूसरी तरफ आज भी वास्तविक गरीब जो दिन भर मजदूरी कर अपना अपने परिवार का पेट पाल रहा है गरीबी रेखा के राशन कार्ड के लिये दफ्तर के चक्कर पे चक्कर लगा रहा है किन्तु उसकी कोई सुनने वाला नही है।

यही नजारा और हकीकत ग्राम धारनाकला का है जहा दर्जनो की तादाद मे ऐसे शासकीय सेवको के नाम सामने आये है जो पचास हजार रूपये माह की वेतन तो हर माह ले रहे है साथ ही राशन दुकान से लम्बे अर्से से एक रूपये किलो और मुफ्त का अनाज भी प्राप्त कर रहे है और ऐसे शासकीय सेवको के नाम गरीबी रेखा के राशन कार्ड पर दर्ज है और वे आज भी लगातार गरीबो के लिये बनी इस महती योजना से जुडे हुऐ है।

गरीब लाभ से वंचित

धारनाकला मे लगभग 650राशन कार्ड गरीबी रेखा से जुडे है जिसमें वास्तविकता की ओर ध्यान दिया जाये तो आज भी सबसे ज्यादा लाभ वे लोग ले रहे है जिनके पास सुविधाओ के सारे साधन उपलब्ध है खेतिहर जमीन से लेकर पक्का आलीशान मकान दो पहिया वाहन से लेकर चारपहिया वाहन भी उपलब्ध है और लाखो रूपये के व्यापार से जुडे होते हुए लाखो रूपये कमा रहे है किन्तु शासन की इस महती योजना के तहत मुफ्त का अनाज भी प्रति माह घर लेकर जा रहे है किन्तु इस ओर ध्यान देने वाला कोई नही है।

दो पहिया और चार पहिया से आते है राशन लेने

धारनाकला की राशन दुकान मे आज भी अधिकतर गरीब दो पहिया और चार पहिया वाहन से एक रूपये किलो और प्रधान मंत्री अन्न योजना का मुफ्त राशन लेने आते है और ठाट से राशन लेकर जाते है और वही एक रूपये किलो और मुफ्त का राशन बाहर आकर दुकानो मे महंगे दाम पर बेचते हुऐ नजर भी आते है।

यहा यह भी उल्लेखनीय है की धारनाकला मे गरीबी रेखा से जुडे राशन कार्डो की वास्तविक जाच हो तो यह सच्चाई भी सामने आ जायेगी की किस तरह शासन की महती योजनाओ को पलीता लगाया जा रहा और इसका लाभ गरीबो को न मिलकर अमीरो को मिल रहा है इससे बडी विडम्बना क्या होगी जहा एक सहायक शिक्षक जैसे शासकीय सेवक भी गरीबी रेखा से जुडे हुऐ है और मुफ्त का अनाज राशन दुकानो से लेकर गरीबो के हक पर डाका डाल रहे है वही जिस गरीब का कच्चा मकान और जर जर अवस्था मे हो और गिरने की कगार पर हो वो गरीब आज गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनवाने के लिये दर दर ठोकर खा रहा है।

यह स्थिति धारनाकला की ही नही है बरघाट ब्लाक के हर गाव की जहा गरीबी रेखा के कार्डो मे भारी अनियमितता और शासन की महती योजना को किस तरह पलीता लगाया जा रहा है देखा जा सकता है।

क्या होगी कार्रवाई

मुफ्त का राशन लेने वाले शासकीय सेवको पर जाच के बाद कार्यवाई होगी इस डर और खौफ के चलते कुछ शासकीय सेवक पंचायतो के चक्कर लगाते भी नजर आ रहे और पंचायत सचिव से अपना नाम राशन कार्ड से काटने का भी निवेदन कर रहे है चूकि अखबारो मे लगातार खबर प्रकाशन के बाद अब शासकीय सेवक ऐन केन अपना नाम राशन कार्ड से हटाने की जुगत मे भी लग चुके है वही ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा इस समबध मे तहसीलदार महोदय को आवेदन करने की भी सलाह दी है किन्तु क्या वर्षो से मुफ्त का अनाज लेने वालो ठोस कार्रवाई होगी जिससे गरीबो को सही न्याय और हक मिल सके।

 

 

 

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सिवनी।लाखो रूपये की वेतन प्राप्त करने वाले भी शासकीय सेवक मुफ्त का अनाज राशन दुकान से लेकर अपनी रोटी सेक रहे है। वही दूसरी तरफ आज भी वास्तविक गरीब जो दिन भर मजदूरी कर अपना अपने परिवार का पेट पाल रहा है गरीबी रेखा के राशन कार्ड के लिये दफ्तर के चक्कर पे चक्कर लगा रहा है किन्तु उसकी कोई सुनने वाला नही है।

यही नजारा और हकीकत ग्राम धारनाकला का है जहा दर्जनो की तादाद मे ऐसे शासकीय सेवको के नाम सामने आये है जो पचास हजार रूपये माह की वेतन तो हर माह ले रहे है साथ ही राशन दुकान से लम्बे अर्से से एक रूपये किलो और मुफ्त का अनाज भी प्राप्त कर रहे है और ऐसे शासकीय सेवको के नाम गरीबी रेखा के राशन कार्ड पर दर्ज है और वे आज भी लगातार गरीबो के लिये बनी इस महती योजना से जुडे हुऐ है।

गरीब लाभ से वंचित

धारनाकला मे लगभग 650राशन कार्ड गरीबी रेखा से जुडे है जिसमें वास्तविकता की ओर ध्यान दिया जाये तो आज भी सबसे ज्यादा लाभ वे लोग ले रहे है जिनके पास सुविधाओ के सारे साधन उपलब्ध है खेतिहर जमीन से लेकर पक्का आलीशान मकान दो पहिया वाहन से लेकर चारपहिया वाहन भी उपलब्ध है और लाखो रूपये के व्यापार से जुडे होते हुए लाखो रूपये कमा रहे है किन्तु शासन की इस महती योजना के तहत मुफ्त का अनाज भी प्रति माह घर लेकर जा रहे है किन्तु इस ओर ध्यान देने वाला कोई नही है।

दो पहिया और चार पहिया से आते है राशन लेने

धारनाकला की राशन दुकान मे आज भी अधिकतर गरीब दो पहिया और चार पहिया वाहन से एक रूपये किलो और प्रधान मंत्री अन्न योजना का मुफ्त राशन लेने आते है और ठाट से राशन लेकर जाते है और वही एक रूपये किलो और मुफ्त का राशन बाहर आकर दुकानो मे महंगे दाम पर बेचते हुऐ नजर भी आते है।

यहा यह भी उल्लेखनीय है की धारनाकला मे गरीबी रेखा से जुडे राशन कार्डो की वास्तविक जाच हो तो यह सच्चाई भी सामने आ जायेगी की किस तरह शासन की महती योजनाओ को पलीता लगाया जा रहा और इसका लाभ गरीबो को न मिलकर अमीरो को मिल रहा है इससे बडी विडम्बना क्या होगी जहा एक सहायक शिक्षक जैसे शासकीय सेवक भी गरीबी रेखा से जुडे हुऐ है और मुफ्त का अनाज राशन दुकानो से लेकर गरीबो के हक पर डाका डाल रहे है वही जिस गरीब का कच्चा मकान और जर जर अवस्था मे हो और गिरने की कगार पर हो वो गरीब आज गरीबी रेखा का राशन कार्ड बनवाने के लिये दर दर ठोकर खा रहा है।

यह स्थिति धारनाकला की ही नही है बरघाट ब्लाक के हर गाव की जहा गरीबी रेखा के कार्डो मे भारी अनियमितता और शासन की महती योजना को किस तरह पलीता लगाया जा रहा है देखा जा सकता है।

क्या होगी कार्रवाई

मुफ्त का राशन लेने वाले शासकीय सेवको पर जाच के बाद कार्यवाई होगी इस डर और खौफ के चलते कुछ शासकीय सेवक पंचायतो के चक्कर लगाते भी नजर आ रहे और पंचायत सचिव से अपना नाम राशन कार्ड से काटने का भी निवेदन कर रहे है चूकि अखबारो मे लगातार खबर प्रकाशन के बाद अब शासकीय सेवक ऐन केन अपना नाम राशन कार्ड से हटाने की जुगत मे भी लग चुके है वही ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा इस समबध मे तहसीलदार महोदय को आवेदन करने की भी सलाह दी है किन्तु क्या वर्षो से मुफ्त का अनाज लेने वालो ठोस कार्रवाई होगी जिससे गरीबो को सही न्याय और हक मिल सके।

 

 

 

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