महिला के ऊपर गिरा बिजली का तार, 90% झुलसी, खाट में लिटा कर 6 किलोमीटर दूर ले गए

सिवनी जिले के घंसौर इलाके के बरगी बांध से विस्थापित गांव बखारी माल का मामला

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सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से दिल को झकझोर कर रख देने वाली तस्वीरें सामने आई है। ये तस्वीर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है। वीडियो में 80 फीसदी चल चुकी आदिवासी महिला की जान बचाने के लिए ग्रामीण उसे खाट पर लेकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं महिला जलने के कारण जलन से कराहती हुई दिख रही है। दरअसल सड़क न होने से गांव में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके कारण ग्रामीण महिला को खाट पर लेकर उसकी जान बचाने के लिए निकल पड़े। पूरा मामला सिवनी जिले के घंसौर इलाके के बरगी बांध से विस्थापित गांव बखारी माल का है।

आदिवासी महिला यमुना बाई सैयाम खेत में निंदाई का काम कर रही थी। इसी दौरान महिला पर बिजली का तार गिर गया। बिजली तार की चपेट में आने से महिला बुरी तरह से झुलस गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे चार किलोमीटर का पैदल रास्ता पार कर खाट में टांगकर अस्पताल पहुंचाया।

तस्वीरों में देख सकते हैं महिला दर्द से कैसे चीख रही है..लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। सुने भी तो कैसे सड़क ना होने के चलते यहां एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। ग्रामीण जुगाड़ की एम्बुलेंस यानी खटिया में टांगकर महिला को अस्पताल हुंचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, जिससे समय रहते महिला अस्पताल पहुंचाया जा सके। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे महिला को घंसौरअस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण महिला को जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली लाइन खराब होने की जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने बिजली लाइन को ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई। इसके कारण आज एक महिला जीवन और मौत से जूझ रही है।

ग्रामीण और समाजसेवी भुवन बर्मन ने कहा कि यहां रोड नहीं होने के चलते इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। साथ ही प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई भी हल नहीं निकला। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। महिला अस्पताल में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रही है।

आपके माध्यम से मुझे इसकी जानकारी मिली हैः सीएमएचओ
सिवनी सीएमएचओ राजेश श्रीवास्तव (Seoni CMHO Rajesh Srivastava) ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से मुझे इसकी जानकारी मिली है। मामले को देखता हूं। वहीं मामले में घनसौर बीएमओ डॉक्टर भारती सोनकेसरिया ने कहा कि एंबुलेस भेजी गई थी। पिछड़ा इलाका होने के चलते रोड नहीं है। लिहाजा गांव तक नहीं पहुंच पाई। महिला को जबलपुर रेफर किया गया है। 80 प्रतिशत जल गई है।

आए दिन होते हैं हादसे लेकिन अधिकारी के ऊपर नहीं की जाती कार्यवाही 

आय दिन देखने को मिलता है कि कहीं केवल लाइन गिरने से तो कहीं खंबा गिरने से अनेकों प्रकार के हादसे हो जाते हैं जिसमें कुछ लोगों की मौत भी हो जाती है लेकिन सवाल ये उठता है की लापरवाही अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती मामले को ठंडे बस्ते में दबा दिया जाता है तो वही बखारी के ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाह अधिकारी के ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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सिवनी जिले के घंसौर इलाके के बरगी बांध से विस्थापित गांव बखारी माल का मामला

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से दिल को झकझोर कर रख देने वाली तस्वीरें सामने आई है। ये तस्वीर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है। वीडियो में 80 फीसदी चल चुकी आदिवासी महिला की जान बचाने के लिए ग्रामीण उसे खाट पर लेकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं महिला जलने के कारण जलन से कराहती हुई दिख रही है। दरअसल सड़क न होने से गांव में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके कारण ग्रामीण महिला को खाट पर लेकर उसकी जान बचाने के लिए निकल पड़े। पूरा मामला सिवनी जिले के घंसौर इलाके के बरगी बांध से विस्थापित गांव बखारी माल का है।

आदिवासी महिला यमुना बाई सैयाम खेत में निंदाई का काम कर रही थी। इसी दौरान महिला पर बिजली का तार गिर गया। बिजली तार की चपेट में आने से महिला बुरी तरह से झुलस गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे चार किलोमीटर का पैदल रास्ता पार कर खाट में टांगकर अस्पताल पहुंचाया।

तस्वीरों में देख सकते हैं महिला दर्द से कैसे चीख रही है..लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। सुने भी तो कैसे सड़क ना होने के चलते यहां एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। ग्रामीण जुगाड़ की एम्बुलेंस यानी खटिया में टांगकर महिला को अस्पताल हुंचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, जिससे समय रहते महिला अस्पताल पहुंचाया जा सके। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे महिला को घंसौरअस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण महिला को जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली लाइन खराब होने की जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने बिजली लाइन को ठीक करवाने की जहमत नहीं उठाई। इसके कारण आज एक महिला जीवन और मौत से जूझ रही है।

ग्रामीण और समाजसेवी भुवन बर्मन ने कहा कि यहां रोड नहीं होने के चलते इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। साथ ही प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई भी हल नहीं निकला। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। महिला अस्पताल में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रही है।

आपके माध्यम से मुझे इसकी जानकारी मिली हैः सीएमएचओ
सिवनी सीएमएचओ राजेश श्रीवास्तव (Seoni CMHO Rajesh Srivastava) ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से मुझे इसकी जानकारी मिली है। मामले को देखता हूं। वहीं मामले में घनसौर बीएमओ डॉक्टर भारती सोनकेसरिया ने कहा कि एंबुलेस भेजी गई थी। पिछड़ा इलाका होने के चलते रोड नहीं है। लिहाजा गांव तक नहीं पहुंच पाई। महिला को जबलपुर रेफर किया गया है। 80 प्रतिशत जल गई है।

आए दिन होते हैं हादसे लेकिन अधिकारी के ऊपर नहीं की जाती कार्यवाही 

आय दिन देखने को मिलता है कि कहीं केवल लाइन गिरने से तो कहीं खंबा गिरने से अनेकों प्रकार के हादसे हो जाते हैं जिसमें कुछ लोगों की मौत भी हो जाती है लेकिन सवाल ये उठता है की लापरवाही अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती मामले को ठंडे बस्ते में दबा दिया जाता है तो वही बखारी के ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाह अधिकारी के ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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