राजगढ़ के तलेन में गोवंश के साथ हुआ अत्याचार, गौशाला में ताला डालकर कर्मचारी भागे

मामला राजगढ़ के तलेन गोवंश में बाढ़ का पानी भरने से 25 गायों की मौत

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राजगढ़ । राजगढ़ जिले के तलेन थाना क्षेत्र के निंद्राखेड़ी गांव स्थित प्रीतम गोशाला में बाढ़ के पानी में डूबने से 25 गायों की मौत हो गई। गायों की मौत का कारण गोशाला पर ताला लगा होना बताया जा रहा है। दरअसल गौशाला के पास वाली नदी में आई बाढ़ को देखते हुए वहां के कर्मचारी 22 अगस्त को ताला डाल कर भाग गए। गौशाला के अंदर गोवंश मौजूद थे उसके बावजूद कर्मचारी गौशाला में ताला डाल कर चले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर गौशाला संचालक निंद्रा खेड़ी निवासी प्रीतम महाराज समेत दोनों कर्मचारी रतनलाल बा मोहनलाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

 

जिले में हुई भारी वर्षा के कारण बेसहारा मवेशियों क़ो भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला तलेन क्षेत्र में सामने आया है। यहां भारी वर्षा देखकर प्रीतम गोशाला के दो कर्मचारी गोशाला में ताला लगाकर चले गए। इसके बाद उगल नदी में आई बाढ़ का पानी गौशाला में भर गया। द्वार पर ताला लगा होने से गायें बाहर नहीं निकल पाईं और बाढ़ के पानी में बह गईं। 25 मवेशियों के मौत की सूचना है। पुलिस ने इस मामले में गोशाला संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक तलेन थाने के गांव निंद्राखेड़ी में प्रीतम महाराज द्वारा गोशाला का संचालन किया जाता है। शासकीय अनुदान प्राप्त इस गोशाला में मजदूर के रूप में रतनलाल निवासी रेठानी व मोहनलाल बेलदार निवासी निंद्राखेड़ी काम करते हैं। 22 अगस्त क़ो ज़ब तेज वर्षा हुई तो यह दोनो कर्मचारी गो शाला में ताला लगाकर चले गए। इसके बाद उगल नदी उफान पर आ गई व 25 मवेशियों की तड़पने के कारण मौत हो गई। तलेन निवासी राज पुष्पद ने थाने पहुंचकर शिकायत की है कि प्रीतम महाराज व दोनो कामगारों द्वारा जानबूझकर गौशाला परिसर में ताला लगा दिया, जिससे बाढ़ का पानी भराने से गायों की मौत हो गई। इतना ही नहीं, गायों की मौत की जानकारी उन्होंने किसी क़ो नहीं दी और गायों की मौत के बाद 23 अगस्त शाम 4 बजे उन्होंने इनके शव नदी में बहा दिए।

इनमें से कुछ मृत गायें रास्ते में जगह-जगह झाड़ियों में अटककर रह गईं। शिकायत पर पुलिस ने तीनो के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपितों क़ो गिरफ्तार कर लिया है। राज पुष्पद ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि गोशाला में ताला लगाने के कारण बाढ़ का पानी गोशाला में भरने से मवेशियों की मौत हुई है। प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

गौशाला संचालक प्रीतम महाराज गिरफ्तार.

राजगढ़ एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी ने बताया कि गायों का मरना बहुत ही दुखद घटना है. इस घटना की सूचना थाना तलेन के निंद्रा खेड़ी से मिली है कि नदी में जब पानी उफान पर था, तब गोशाला का ताला नहीं खोला गया. जिस कारण 25 गायों की मौत हो गई. जिसमें 23 गाय और 2 बछड़े हैं. उनको विधिवत दफनाया गया है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ धारा 429, 34 में मामला दर्ज किया गया है.

घटना के सामने आने के बाद गौ संगठनों में आक्रोश है। गौ संरक्षण संगठन के अध्यक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है उन्होंने कहा है कि गौ माता के साथ ऐसा कृत्य करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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मामला राजगढ़ के तलेन गोवंश में बाढ़ का पानी भरने से 25 गायों की मौत

राजगढ़ । राजगढ़ जिले के तलेन थाना क्षेत्र के निंद्राखेड़ी गांव स्थित प्रीतम गोशाला में बाढ़ के पानी में डूबने से 25 गायों की मौत हो गई। गायों की मौत का कारण गोशाला पर ताला लगा होना बताया जा रहा है। दरअसल गौशाला के पास वाली नदी में आई बाढ़ को देखते हुए वहां के कर्मचारी 22 अगस्त को ताला डाल कर भाग गए। गौशाला के अंदर गोवंश मौजूद थे उसके बावजूद कर्मचारी गौशाला में ताला डाल कर चले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर गौशाला संचालक निंद्रा खेड़ी निवासी प्रीतम महाराज समेत दोनों कर्मचारी रतनलाल बा मोहनलाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

 

जिले में हुई भारी वर्षा के कारण बेसहारा मवेशियों क़ो भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला तलेन क्षेत्र में सामने आया है। यहां भारी वर्षा देखकर प्रीतम गोशाला के दो कर्मचारी गोशाला में ताला लगाकर चले गए। इसके बाद उगल नदी में आई बाढ़ का पानी गौशाला में भर गया। द्वार पर ताला लगा होने से गायें बाहर नहीं निकल पाईं और बाढ़ के पानी में बह गईं। 25 मवेशियों के मौत की सूचना है। पुलिस ने इस मामले में गोशाला संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक तलेन थाने के गांव निंद्राखेड़ी में प्रीतम महाराज द्वारा गोशाला का संचालन किया जाता है। शासकीय अनुदान प्राप्त इस गोशाला में मजदूर के रूप में रतनलाल निवासी रेठानी व मोहनलाल बेलदार निवासी निंद्राखेड़ी काम करते हैं। 22 अगस्त क़ो ज़ब तेज वर्षा हुई तो यह दोनो कर्मचारी गो शाला में ताला लगाकर चले गए। इसके बाद उगल नदी उफान पर आ गई व 25 मवेशियों की तड़पने के कारण मौत हो गई। तलेन निवासी राज पुष्पद ने थाने पहुंचकर शिकायत की है कि प्रीतम महाराज व दोनो कामगारों द्वारा जानबूझकर गौशाला परिसर में ताला लगा दिया, जिससे बाढ़ का पानी भराने से गायों की मौत हो गई। इतना ही नहीं, गायों की मौत की जानकारी उन्होंने किसी क़ो नहीं दी और गायों की मौत के बाद 23 अगस्त शाम 4 बजे उन्होंने इनके शव नदी में बहा दिए।

इनमें से कुछ मृत गायें रास्ते में जगह-जगह झाड़ियों में अटककर रह गईं। शिकायत पर पुलिस ने तीनो के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपितों क़ो गिरफ्तार कर लिया है। राज पुष्पद ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि गोशाला में ताला लगाने के कारण बाढ़ का पानी गोशाला में भरने से मवेशियों की मौत हुई है। प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

गौशाला संचालक प्रीतम महाराज गिरफ्तार.

राजगढ़ एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी ने बताया कि गायों का मरना बहुत ही दुखद घटना है. इस घटना की सूचना थाना तलेन के निंद्रा खेड़ी से मिली है कि नदी में जब पानी उफान पर था, तब गोशाला का ताला नहीं खोला गया. जिस कारण 25 गायों की मौत हो गई. जिसमें 23 गाय और 2 बछड़े हैं. उनको विधिवत दफनाया गया है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ धारा 429, 34 में मामला दर्ज किया गया है.

घटना के सामने आने के बाद गौ संगठनों में आक्रोश है। गौ संरक्षण संगठन के अध्यक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है उन्होंने कहा है कि गौ माता के साथ ऐसा कृत्य करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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