गरबा और बिशप पर MP की राजनीति गर्मः कांग्रेस बोली- उषा ठाकुर का धन्यवाद, जो इसे उजागर किया लेकिन बीजेपी के ही कई संगठन इसमें शामिल, बिशप के यहां कार्रवाई को चंदा वसूली बताया

जबलपुर में ईसाई धर्मगुरु बिशप पीसी सिंह के घर और दफ्तर पर EOW की रेड, लाखों की नकदी सहित विदेशी करेंसी बरामद

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जबलपुर। संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर द्वारा गरबा पंडाल को लव जिहाद का बड़ा जरिया बताने और जबलपुर में बिशप के यहां Eow के छापे पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। दोनों ही मामलों पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। गरबा को लव जिहाद का जरिया बताने पर कांग्रेस ने बोली कि उषा ठाकुर का धन्यवाद, जो इसे उजागर किया लेकिन बीजेपी के ही कई संगठन इसमें शामिल है। अगर ये हो रहा है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है। वहीं जबलपुर में अरबपति बिशप के यहां Eow के छापे को चंदा वसूली अभियान करार दिया।

कांग्रेस विधायक संजय यादव (Congress MLA Sanjay Yadav) ने कहा कि उषा ठाकुर को धन्यवाद जो इस को उजागर किया। अगर ये हो रहा है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार। आख़िर सरकार कर क्या रही है। बीजेपी के ही कई संगठन इस तरह के कृत्य में शामिल है।

बता दें कि एमपी में बिना आईडी गरबा में नो एंट्री (no entry in garba without id in mp) लगा दी गई है। संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर (Culture Minister Usha Thakur) ने नवरात्रि में गरबा कराने वाले संस्थानों को आइडेंटी कार्ड के बिना प्रवेश नहीं देने की नसीहत दी। ठाकुर ने कहा कि गरबा पंडाल लव जिहाद (love jihad) का बड़ा माध्यम बन गये हैं। अब सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहे। गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड लेकर आए। बगैर पहचान के गरबो में कोई प्रवेश कर नहीं कर सके। ये सब के लिए सलाह भी है और नसीहत भी है।

ईसाई धर्मगुरु बिशप पीसी सिंह के घर और दफ्तर पर EOW की रेड

वहीं जबलपुर में क्रिस्चियन बिशप (धार्मिक पद वाले व्यक्ति) के यहां Eow के छापे पर कांग्रेस विधायक संजय यादव ने कहा कि ये कार्रवाई नहीं है, चंदा वसूली अभियान है। सरकार चुनाव के लिए चंदा वसूली कर रही है। जो पैसा नहीं पहुंचाएगा उसके वहां कार्रवाई होगी। ये मैच पहले से फिक्स है।

जबलपुर में ईसाई धर्मगुरु बिशप पी सी सिंह के घर ईओडब्ल्यू के छापे में 15 लाख से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बरामद हुई. इसमें भारी मात्रा में अमेरिकी डॉलर और ब्रिटिश पाउंड शामिल है। इसके साथ ही उनके घर से नगद एक करोड़ 65 लाख रुपये भी जब्त किये गए. फिलहाल बिशप पी सी सिंह देश से बाहर हैं और छापे की कार्रवाई उनके परिजनों की मौजूदगी में की गई।

ईसाई धर्म गुरु बिशप पी सी सिंह के जबलपुर स्थित घर पर आज 8 सितंबर गुरुवार की सुबह ईओडब्ल्यू की टीम ने कोर्ट से वारंट लेकर आर्थिक अनियमितता से जुड़ी शिकायत पर छापेमारी शुरू की। ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया, जबलपुर डायोसिस के चेयरमैन बिशप पी सी सिंह के निवास और कार्यालय पर दबिश देते हुए अपराध से संबंधित दस्तावेजों की तलाशी के साथ सर्च कार्रवाई की गई। इसमें नगद एक करोड़ 65 लाख रुपये के साथ करीब 15 लाख की विदेशी मुद्रा भी जब्त हुई।

जानिए करोड़पति बिपश के यहां क्या-क्या मिला

(1) 1 करोड़ 65 लाख रुपए नकद बरामद

(2) करीब 18 हजार विदेशी करेंसी

(3) 32 इंपॉर्टेंट हाथ की घड़ी

(4) 2 किलो सोना, 9 लग्जरी कार

(5) 90 लाख की डिस्कवरी कार भी मिली

(6) विजय नगर में स्कूल के नाम से ली जमीन

(7) काली कमाई से खुद का स्कूल भी बनाया

(8) शिक्षकों की सैलरी से भी लेता था कटअप

(9) स्कूल के नाम पर मिली जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल होता था।

जब्त किये गये विदेशी मुद्रा में 100 डॉलर के 179 नोट, 50 के डॉलर के 4 नोट, 20 डॉलर के 10 नोट, 10 डॉलर के 3 नोट, 5 डॉलर के 3 नोट, 1 डॉलर के 79 नोट, 20 पाउंड के 59 नोट थे।

इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को मिली शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह ने की. शिकायत में बिशप पी सी सिंह, चेयरमैन, द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसायटी का नाम परिवर्तन करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में इसके साथ ही सोसायटी का चेयरमैन बनकर पद का दुरूपयोग करते हुए सोसायटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में प्राप्त होने वाली छात्रों की फीस की राशि का उपयोग क्रिश्चियन धार्मिक संस्थाओं को चलाने और गबन करके खुद की विलासिता में उपयोग करने के आरोप लगाये गये थे।

डीएसपी मंजीत सिंह के मुताबिक जांच में शैक्षणिक संस्थाओं से वर्ष 2004-2005 से वर्ष 2011-2012 के बीच लगभग 2 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर कर इसका दुरुपयोग करने और स्वयं के उपयोग में लेकर गबन करने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये गये। जांच में आये साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बिशप पी सी सिंह और बी एस सोलंकी, तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड संस्थाएं, जबलपुर के खिलाफ आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

ईओडब्ल्यू ने बिशप के घर से अनियमितता से जुड़े अनेक दस्तावेज जब्त किये। बिशप के फिलहाल जर्मनी में होने की जानकारी लगी है।आगे की जांच के लिए बिशप के आने का इंतजार किया जा रहा है।

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जबलपुर में ईसाई धर्मगुरु बिशप पीसी सिंह के घर और दफ्तर पर EOW की रेड, लाखों की नकदी सहित विदेशी करेंसी बरामद

जबलपुर। संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर द्वारा गरबा पंडाल को लव जिहाद का बड़ा जरिया बताने और जबलपुर में बिशप के यहां Eow के छापे पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। दोनों ही मामलों पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। गरबा को लव जिहाद का जरिया बताने पर कांग्रेस ने बोली कि उषा ठाकुर का धन्यवाद, जो इसे उजागर किया लेकिन बीजेपी के ही कई संगठन इसमें शामिल है। अगर ये हो रहा है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है। वहीं जबलपुर में अरबपति बिशप के यहां Eow के छापे को चंदा वसूली अभियान करार दिया।

कांग्रेस विधायक संजय यादव (Congress MLA Sanjay Yadav) ने कहा कि उषा ठाकुर को धन्यवाद जो इस को उजागर किया। अगर ये हो रहा है तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार। आख़िर सरकार कर क्या रही है। बीजेपी के ही कई संगठन इस तरह के कृत्य में शामिल है।

बता दें कि एमपी में बिना आईडी गरबा में नो एंट्री (no entry in garba without id in mp) लगा दी गई है। संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर (Culture Minister Usha Thakur) ने नवरात्रि में गरबा कराने वाले संस्थानों को आइडेंटी कार्ड के बिना प्रवेश नहीं देने की नसीहत दी। ठाकुर ने कहा कि गरबा पंडाल लव जिहाद (love jihad) का बड़ा माध्यम बन गये हैं। अब सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहे। गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड लेकर आए। बगैर पहचान के गरबो में कोई प्रवेश कर नहीं कर सके। ये सब के लिए सलाह भी है और नसीहत भी है।

ईसाई धर्मगुरु बिशप पीसी सिंह के घर और दफ्तर पर EOW की रेड

वहीं जबलपुर में क्रिस्चियन बिशप (धार्मिक पद वाले व्यक्ति) के यहां Eow के छापे पर कांग्रेस विधायक संजय यादव ने कहा कि ये कार्रवाई नहीं है, चंदा वसूली अभियान है। सरकार चुनाव के लिए चंदा वसूली कर रही है। जो पैसा नहीं पहुंचाएगा उसके वहां कार्रवाई होगी। ये मैच पहले से फिक्स है।

जबलपुर में ईसाई धर्मगुरु बिशप पी सी सिंह के घर ईओडब्ल्यू के छापे में 15 लाख से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बरामद हुई. इसमें भारी मात्रा में अमेरिकी डॉलर और ब्रिटिश पाउंड शामिल है। इसके साथ ही उनके घर से नगद एक करोड़ 65 लाख रुपये भी जब्त किये गए. फिलहाल बिशप पी सी सिंह देश से बाहर हैं और छापे की कार्रवाई उनके परिजनों की मौजूदगी में की गई।

ईसाई धर्म गुरु बिशप पी सी सिंह के जबलपुर स्थित घर पर आज 8 सितंबर गुरुवार की सुबह ईओडब्ल्यू की टीम ने कोर्ट से वारंट लेकर आर्थिक अनियमितता से जुड़ी शिकायत पर छापेमारी शुरू की। ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया, जबलपुर डायोसिस के चेयरमैन बिशप पी सी सिंह के निवास और कार्यालय पर दबिश देते हुए अपराध से संबंधित दस्तावेजों की तलाशी के साथ सर्च कार्रवाई की गई। इसमें नगद एक करोड़ 65 लाख रुपये के साथ करीब 15 लाख की विदेशी मुद्रा भी जब्त हुई।

जानिए करोड़पति बिपश के यहां क्या-क्या मिला

(1) 1 करोड़ 65 लाख रुपए नकद बरामद

(2) करीब 18 हजार विदेशी करेंसी

(3) 32 इंपॉर्टेंट हाथ की घड़ी

(4) 2 किलो सोना, 9 लग्जरी कार

(5) 90 लाख की डिस्कवरी कार भी मिली

(6) विजय नगर में स्कूल के नाम से ली जमीन

(7) काली कमाई से खुद का स्कूल भी बनाया

(8) शिक्षकों की सैलरी से भी लेता था कटअप

(9) स्कूल के नाम पर मिली जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल होता था।

जब्त किये गये विदेशी मुद्रा में 100 डॉलर के 179 नोट, 50 के डॉलर के 4 नोट, 20 डॉलर के 10 नोट, 10 डॉलर के 3 नोट, 5 डॉलर के 3 नोट, 1 डॉलर के 79 नोट, 20 पाउंड के 59 नोट थे।

इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को मिली शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक मनजीत सिंह ने की. शिकायत में बिशप पी सी सिंह, चेयरमैन, द बोर्ड ऑफ एजूकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसायटी का नाम परिवर्तन करने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में इसके साथ ही सोसायटी का चेयरमैन बनकर पद का दुरूपयोग करते हुए सोसायटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में प्राप्त होने वाली छात्रों की फीस की राशि का उपयोग क्रिश्चियन धार्मिक संस्थाओं को चलाने और गबन करके खुद की विलासिता में उपयोग करने के आरोप लगाये गये थे।

डीएसपी मंजीत सिंह के मुताबिक जांच में शैक्षणिक संस्थाओं से वर्ष 2004-2005 से वर्ष 2011-2012 के बीच लगभग 2 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर कर इसका दुरुपयोग करने और स्वयं के उपयोग में लेकर गबन करने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये गये। जांच में आये साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बिशप पी सी सिंह और बी एस सोलंकी, तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स एण्ड संस्थाएं, जबलपुर के खिलाफ आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

ईओडब्ल्यू ने बिशप के घर से अनियमितता से जुड़े अनेक दस्तावेज जब्त किये। बिशप के फिलहाल जर्मनी में होने की जानकारी लगी है।आगे की जांच के लिए बिशप के आने का इंतजार किया जा रहा है।

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