ग्राम मैरा में महाकाल समिति ढीमरी मोहल्ला के द्वारा निकाली गई गणेश विसर्जन शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र जिसमें जमकर उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब

मैरा में हर्षोल्लास के साथ गणपति को दी विदाई:अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारों के साथ भक्तों ने किया गणेश विसर्जन

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संवाददाता ब्रजेश ठाकुर

पलारी। पलारी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में स्थापित भगवान गणेश जी की प्रतिमा का अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को धूमधाम से विसर्जन करने के साथ गणेश महोत्सव संपन्न हो गया। दोपहर बाद से ही सागर नदी में प्रतिमा विसर्जन करने वालों का तांता लगा रहा है। गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तुम जल्दी आना… के जयकारे लगते रहे। ढोल नगाड़े के साथ श्रद्धालुओं ने काफी श्रद्धा और उत्साह से प्रतिमा को जलधारा में प्रवाहित किया।

गणेश प्रतिमाओं की स्थापना अपनी मान्यता के अनुसार एक दिन से लेकर तीन दिन, पांच दिन, सात दिन और नौ दिन तक की जाती है। दसवें दिन यानी अनंत चतुदर्शी के मौके पर उनका विसर्जन किया जाता है। इस मौके पर कामना की जाती है कि लोक कल्याण के लिए हे गणनायक अगले बरस जल्दी आना।

इसी तारतम्य में केवलारी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मैरा के ढीमरी मुहल्ले में गणपति बप्पा की स्थापना विशेष मंत्रों के साथ की गई थी। रविवार को शोभायात्रा निकालकर गणपति बप्पा को विसर्जन के लिए जयकारों के साथ गांव की गलियों में भक्तों द्वारा भगवान श्री गणेश जी को घुमाकर ग्राम के दुर्गा मन्दिर, महावीर मंदिर होते हुए सागर नदी पर ले जाया गया जहां श्रद्धा भाव के साथ विसर्जन कराया गया।

आपको बता दे कि शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयघोष करते हुए खूब आनंदित हो रहे थे। गणपति बप्पा मोरया‘ के जयकारों को लेकर कहा जाता है कि पुणे के पास चिंचवड़ में गणेशी के अनन्य भक्त व संत मोरया गोसावी रहते थे। वे इतने लोकप्रिय हुए कि मोरया नाम गणेशजी के नाम के साथ जुड़ गया और ‘गणपति बप्पा मोरया‘ हो गया।

रविवार के दिन ग्राम मैरा के समस्त ग्रामवासियो की उपस्थिति में महाकाल समिति के भक्तगणों के द्वारा गणपति बप्पा के विसर्जन के लिए शोभायात्रा जयकारों के साथ निकली गई ।यात्रा में शामिल सुंदर झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। विसर्जन के दौरान ग्राम मैरा में महाकाल समिति ढीमरी मुहल्ले के श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश जी की प्रतिमा को रथ मे सवार कर, डिस्कोलाइट डी जे के साथ गणपति बप्पा मोरया का गाना लगाकर भक्तगणों तथा मातृशक्तियो द्वारा खूब नृत्य किया गया व एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर खुशी मनाई।

शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु गुलाल उड़ाते चल रहे थे। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई। शोभायात्रा एवं विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पलारी पुलिस प्रशासन से प्र.आर. मतीन खान की उपस्तिथि रही। यह शोभायात्रा नागमढिया मैरा से प्रारंभ हुई , जो ढीमरी मुहल्ला,गोंडी मुहल्ला , दुर्गा मंदिर, महावीर मंदिर से होते हुए सागर नदी पहुंची जहां श्रद्धा भाव के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

वहीं महाकल समिति के अध्यक्ष लकी कश्यप ने बताया कि गणपति बप्पा सुखकर्ता और दुखहर्ता हैं । भक्तों का विश्वास होता है कि जब गणपति घर से विदाई लेंगे तो घर के सारे दुख और संकट हर कर अपने साथ ले जाएंगे ।

मौके पर महाकाल समिति के अध्यक्ष लकी कश्यप, उपाध्यक्ष राहुल नंदा , सचिव मोहन चंद्रवंशी, मंगूरा कश्यप , कालीचरण कश्यप, कृष्णकुमार कश्यप, नरेंद्र साहू, राहुल ग्यारसिया, राहुल भलावी, मंगूरा कश्यप, दिलीप ठाकुर, ब्रजेश ठाकुर, आकाश भलावी, गणेश चंद्रवंशी, विशाल ठाकुर तथा आसपास के ग्रामो के भक्तगणों सहित सैकडों लोग मौजूद रहे।

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मैरा में हर्षोल्लास के साथ गणपति को दी विदाई:अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारों के साथ भक्तों ने किया गणेश विसर्जन

संवाददाता ब्रजेश ठाकुर

पलारी। पलारी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में स्थापित भगवान गणेश जी की प्रतिमा का अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को धूमधाम से विसर्जन करने के साथ गणेश महोत्सव संपन्न हो गया। दोपहर बाद से ही सागर नदी में प्रतिमा विसर्जन करने वालों का तांता लगा रहा है। गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तुम जल्दी आना… के जयकारे लगते रहे। ढोल नगाड़े के साथ श्रद्धालुओं ने काफी श्रद्धा और उत्साह से प्रतिमा को जलधारा में प्रवाहित किया।

गणेश प्रतिमाओं की स्थापना अपनी मान्यता के अनुसार एक दिन से लेकर तीन दिन, पांच दिन, सात दिन और नौ दिन तक की जाती है। दसवें दिन यानी अनंत चतुदर्शी के मौके पर उनका विसर्जन किया जाता है। इस मौके पर कामना की जाती है कि लोक कल्याण के लिए हे गणनायक अगले बरस जल्दी आना।

इसी तारतम्य में केवलारी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम मैरा के ढीमरी मुहल्ले में गणपति बप्पा की स्थापना विशेष मंत्रों के साथ की गई थी। रविवार को शोभायात्रा निकालकर गणपति बप्पा को विसर्जन के लिए जयकारों के साथ गांव की गलियों में भक्तों द्वारा भगवान श्री गणेश जी को घुमाकर ग्राम के दुर्गा मन्दिर, महावीर मंदिर होते हुए सागर नदी पर ले जाया गया जहां श्रद्धा भाव के साथ विसर्जन कराया गया।

आपको बता दे कि शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयघोष करते हुए खूब आनंदित हो रहे थे। गणपति बप्पा मोरया‘ के जयकारों को लेकर कहा जाता है कि पुणे के पास चिंचवड़ में गणेशी के अनन्य भक्त व संत मोरया गोसावी रहते थे। वे इतने लोकप्रिय हुए कि मोरया नाम गणेशजी के नाम के साथ जुड़ गया और ‘गणपति बप्पा मोरया‘ हो गया।

रविवार के दिन ग्राम मैरा के समस्त ग्रामवासियो की उपस्थिति में महाकाल समिति के भक्तगणों के द्वारा गणपति बप्पा के विसर्जन के लिए शोभायात्रा जयकारों के साथ निकली गई ।यात्रा में शामिल सुंदर झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। विसर्जन के दौरान ग्राम मैरा में महाकाल समिति ढीमरी मुहल्ले के श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश जी की प्रतिमा को रथ मे सवार कर, डिस्कोलाइट डी जे के साथ गणपति बप्पा मोरया का गाना लगाकर भक्तगणों तथा मातृशक्तियो द्वारा खूब नृत्य किया गया व एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर खुशी मनाई।

शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु गुलाल उड़ाते चल रहे थे। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई। शोभायात्रा एवं विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पलारी पुलिस प्रशासन से प्र.आर. मतीन खान की उपस्तिथि रही। यह शोभायात्रा नागमढिया मैरा से प्रारंभ हुई , जो ढीमरी मुहल्ला,गोंडी मुहल्ला , दुर्गा मंदिर, महावीर मंदिर से होते हुए सागर नदी पहुंची जहां श्रद्धा भाव के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

वहीं महाकल समिति के अध्यक्ष लकी कश्यप ने बताया कि गणपति बप्पा सुखकर्ता और दुखहर्ता हैं । भक्तों का विश्वास होता है कि जब गणपति घर से विदाई लेंगे तो घर के सारे दुख और संकट हर कर अपने साथ ले जाएंगे ।

मौके पर महाकाल समिति के अध्यक्ष लकी कश्यप, उपाध्यक्ष राहुल नंदा , सचिव मोहन चंद्रवंशी, मंगूरा कश्यप , कालीचरण कश्यप, कृष्णकुमार कश्यप, नरेंद्र साहू, राहुल ग्यारसिया, राहुल भलावी, मंगूरा कश्यप, दिलीप ठाकुर, ब्रजेश ठाकुर, आकाश भलावी, गणेश चंद्रवंशी, विशाल ठाकुर तथा आसपास के ग्रामो के भक्तगणों सहित सैकडों लोग मौजूद रहे।

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