मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान : यदि आपको नहीं मिल रहा किसी योजना का लाभ तो ना चूके यह मौका, पूरे प्रदेश में जल्द चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री जनसेवा के लिए 4 मंत्रियों का समूह गठित, 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

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PM मोदी के जन्मदिन से MP में चलेगा जनसेवा अभियान, CM ने मंत्रियों को दिए गांवों में रात बिताने के निर्देश

भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़े को अब मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत होने वाले कामों का सीएम शिवराज सिंह चौहान और मंत्रियों के सामने प्रेजेंटेशन हुआ। भारत सरकार एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उसके वास्तविक रूप से पात्र हितग्राही तक समय-सीमा में पहुंचे, यही सुशासन का मूल ध्येय है। राज्य सरकार द्वारा इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए 17 सितंबर से 31 अक्टूबर 2022 तक विशेष अभियान चलाएगी। इसका उद्देश्य है कि चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान कर इन योजनाओं में शत-प्रतिशत पूर्ति लाई जाए ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही संबंधित योजना का लाभ पा सके। अभियान के प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान (Chief Minister Public Service Campaign) 17 सितंबर से 31 अक्टूबर 2022 तक संपूर्ण प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा। जिले में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का नेतृत्व जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं शहरी क्षेत्र के लिए अपर कलेक्टर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के लिए जिले के नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान से संबंधित संपूर्ण कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल में एक पृथक माड्यूल तैयार कर अधिकारियों एवं नागरिकों के लिए लॉगिन क्रियेट करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के माध्यम से सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत सेचुरेशन लाया जाएगा। सेचुरेशन से अभिप्राय यह है कि सभी पात्र हितग्राहियों को संबंधित चिन्हांकित योजना का लाभ देना। परन्तु ऐसी हितग्राहीमूलक योजनाएं जो लक्ष्य आधारित हैं, अर्थात जिनमें शासन स्तर से लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, में लक्ष्य के अनुसार ही हितलाभ प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

सर्वे दलों का गठन एवं सर्वे कार्य

प्रत्येक जिले में चिन्हित योजनाओं का लाभ लेने से छूट गए हितग्राहियों की पहचान के लिए प्रत्येक ग्राम एवं शहरी वार्ड में सर्वे दल बनाकर भेजे जाएंगे। सर्वे दल घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और चिन्हित योजनाओं के अंतर्गत प्रदत्त लाभों का सत्यापन कर गैप की पहचान करेंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के अंतर्गत कार्य करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सर्वे दल के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के संचालन तथा पोर्टल पर ऐन्ट्री का प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा। हितग्राहियों की जानकारी की पोर्टल पर एंट्री सर्वे दलों के माध्यम से संभावित हितग्राहियों के जो आवेदन प्राप्त होते हैं, उन्हें पोर्टल पर दर्ज कराया जाएगा। नागरिक भी अपने आवेदन स्वयं लॉगिन कर पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए पोर्टल में पृथक से सुविधा दी गई है।

ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन

17 सितंबर से 31 अक्टूबर के मध्य प्रत्येक जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं प्रत्येक शहरी वार्ड स्तर पर दो शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के पंजीयन की कार्यवाही पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। शिविर की पूर्व सूचना, सभी प्राप्त आवेदनों की पोर्टल में एन्ट्री तथा निराकरण के लिए विकासखण्ड/नगरीय निकाय स्तर पर की जाने की कार्यवाही भी टीम करेगी। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिए पर्याप्त संख्या में सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। शिविर में भाग लेने के लिए पोर्टल पर नागरिकों के पंजीयन की व्यवस्था की गई है। प्रथम शिविर में प्राप्त आवेदनों में से सत्यापन पश्चात् जिन हितग्राहियों के आवेदन का तत्काल निराकरण कर उन्हें मौके पर ही लाभ दिया जा सकता है, ऐसे हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले अथवा शिविर के ठीक पूर्व पोर्टल पर दर्ज होने वाले नवीन आवेदनों को भी विचार में लिया जाएगा और उनका भी यथासंभव उसी दिन निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

द्वितीय शिविर ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड में उसी स्थान पर एक बार फिर लगाया जाएगा, जहाँ प्रथम शिविर आयोजित किया गया था। द्वितीय शिविर के आयोजन के दौरान प्रथम शिविर में हितलाभ देने के लिए पात्र पाए गए आवेदकों को स्वीकृति पत्र/हितलाभ प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। दोनों शिविरों में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव अंतिम निराकरण 31 अक्टूबर, 2022 अथवा उससे पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाएगा। आवेदकों को संबंधित योजना का हितलाभ स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक प्रदान किया जावे। शिविरों में पात्र पाए गए सभी हितग्राहियों को संबंधित योजना का लाभ प्रदान कर योजना में 100 प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।

जिलों के प्रभारी मंत्री अपने स्तर पर मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेंगे। कलेक्टर जिला स्तर पर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभाग स्तर पर मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के संचालन की नियमित समीक्षा, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण करेंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के लक्ष्यों को समय सीमा में प्राप्त करने में सहायता मिले और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को उस योजना का लाभ मिले, जिसका वह पात्रता रखता है। अभियान के दौरान समग्र डेटा-बेस में नागरिकों के ई-केवायसी कराए जाने का कार्य भी संपादित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत चिन्हांकित हितग्राही मूलक योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, पीएम स्वनिधि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता,समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, 6 वर्ष से अधिक आयु के बहुविकलांग, बौद्विक दिव्यांग के लिये आर्थिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना, उच्च शिक्षा हेतु शिक्षण शुल्क, जीवन निर्वाह भत्ता, चिकित्सक की अनुशंसा से नि:शुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण, आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत भवन संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन, आहार अनुदान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन), किसान क्रेडिट कार्ड (सहकारी बैंकों के माध्यम से), किसान क्रेडिट कार्ड (मछुआ), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (कमर्शियल बैंकों के माध्यम से) शामिल की गई है।

मुख्यमंत्री जनसेवा के लिए मंत्रियों का समूह गठित किसे कहां का जिम्मा ?

नरोत्तम मिश्रा व सुरेश धाकड़ को शिवपुरी-सीधी और बैतूल, गोपाल भार्गव व ओमप्रकाश सकलेचा आगर-मालवा, सिंगरौली, झाबुआ, खंडवा, तुलसी सिलावट व भारत सिंह कुशवाह भिण्ड, शिवपुरी, शाजापुर और रायसेन, विजय शाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर मंडला, अनूपपुर और उमरिया, जगदीश देवड़ा और इंदर सिंह परमार ग्वालियर, बुरहानपुर और हरदा, यशोधरा राजे सिंधिया तथा ऊषा ठाकुर विदिशा, कटनी और नीमच तथा भूपेंद्र सिंह और मीना सिंह अशोक नगर, मुरैना, सतना और शहडोल, प्रेम सिंह पटले तथा ओ.पी.एस. भदौरिया निवाड़ी, पन्ना और नरसिंहपुर, कमल पटेल तथा राजस्व एवं गोविंद सिंह राजपूत देवास, दमोह और उज्जैन, बृजेंद्र सिंह यादव और राजवर्धन सिंह दत्तीगांव जबलपुर, छिंदवाड़ा और राजगढ़, विश्वास सारंग और बृजेंद्र प्रताप सिंह सिवनी, छतरपुर और खरगोन, अरविंद सिंह भदौरिया और रामकिशोर कावरे डिंडोरी, गुना, अलीराजपुर, रीवा तथा प्रभुराम चौधरी और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़, होशंगाबाद, इंदौर, बड़वानी तथा महेंद्र सिंह सिसोदिया और हरदीप सिंह डंग को भोपाल, सीहोर, दतिया और सागर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रियों को गांव में ही करना होगा रात्रि विश्राम

जनसेवा अभियान के तहत 33 योजनाओं को चिन्हित किया गया है। जिसकी जिम्मेदारी मंत्रियों को सौंपी गई है। मंत्रियों को सीएम के निर्देश हैं कि उन्हें विधानसभा स्तर के साथ ही गांवों में जाकर लोगों से संवाद करना होगा। मंत्रियों को रात में भी गांव में रुकना होगा, कार्यकर्ताओं से रात में चर्चा करनी होगी। सीएम ने कहा कि मंत्री इसकी प्लानिंग करें कि उन्हें कैसे और कब पहुंचना है। जो हितग्राही योजनाएं हैं उनके लिए प्रशासन द्वारा लगाए जाने वाले शिवरों में भी मंत्रियों को मौजूद रहना होगा।योजनाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट के लिए सात अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। इन सभी ग्रुप के लिए भी मंत्री समूह गठित किए गए हैं। ये समूह जिलों से आने वाली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

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मुख्यमंत्री जनसेवा के लिए 4 मंत्रियों का समूह गठित, 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

PM मोदी के जन्मदिन से MP में चलेगा जनसेवा अभियान, CM ने मंत्रियों को दिए गांवों में रात बिताने के निर्देश

भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़े को अब मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत होने वाले कामों का सीएम शिवराज सिंह चौहान और मंत्रियों के सामने प्रेजेंटेशन हुआ। भारत सरकार एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उसके वास्तविक रूप से पात्र हितग्राही तक समय-सीमा में पहुंचे, यही सुशासन का मूल ध्येय है। राज्य सरकार द्वारा इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए 17 सितंबर से 31 अक्टूबर 2022 तक विशेष अभियान चलाएगी। इसका उद्देश्य है कि चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान कर इन योजनाओं में शत-प्रतिशत पूर्ति लाई जाए ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही संबंधित योजना का लाभ पा सके। अभियान के प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।

मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान (Chief Minister Public Service Campaign) 17 सितंबर से 31 अक्टूबर 2022 तक संपूर्ण प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा। जिले में मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का नेतृत्व जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं शहरी क्षेत्र के लिए अपर कलेक्टर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के लिए जिले के नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान से संबंधित संपूर्ण कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। पोर्टल में एक पृथक माड्यूल तैयार कर अधिकारियों एवं नागरिकों के लिए लॉगिन क्रियेट करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के माध्यम से सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत सेचुरेशन लाया जाएगा। सेचुरेशन से अभिप्राय यह है कि सभी पात्र हितग्राहियों को संबंधित चिन्हांकित योजना का लाभ देना। परन्तु ऐसी हितग्राहीमूलक योजनाएं जो लक्ष्य आधारित हैं, अर्थात जिनमें शासन स्तर से लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, में लक्ष्य के अनुसार ही हितलाभ प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

सर्वे दलों का गठन एवं सर्वे कार्य

प्रत्येक जिले में चिन्हित योजनाओं का लाभ लेने से छूट गए हितग्राहियों की पहचान के लिए प्रत्येक ग्राम एवं शहरी वार्ड में सर्वे दल बनाकर भेजे जाएंगे। सर्वे दल घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और चिन्हित योजनाओं के अंतर्गत प्रदत्त लाभों का सत्यापन कर गैप की पहचान करेंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के अंतर्गत कार्य करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सर्वे दल के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के संचालन तथा पोर्टल पर ऐन्ट्री का प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा। हितग्राहियों की जानकारी की पोर्टल पर एंट्री सर्वे दलों के माध्यम से संभावित हितग्राहियों के जो आवेदन प्राप्त होते हैं, उन्हें पोर्टल पर दर्ज कराया जाएगा। नागरिक भी अपने आवेदन स्वयं लॉगिन कर पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए पोर्टल में पृथक से सुविधा दी गई है।

ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन

17 सितंबर से 31 अक्टूबर के मध्य प्रत्येक जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं प्रत्येक शहरी वार्ड स्तर पर दो शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के पंजीयन की कार्यवाही पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। शिविर की पूर्व सूचना, सभी प्राप्त आवेदनों की पोर्टल में एन्ट्री तथा निराकरण के लिए विकासखण्ड/नगरीय निकाय स्तर पर की जाने की कार्यवाही भी टीम करेगी। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिए पर्याप्त संख्या में सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। शिविर में भाग लेने के लिए पोर्टल पर नागरिकों के पंजीयन की व्यवस्था की गई है। प्रथम शिविर में प्राप्त आवेदनों में से सत्यापन पश्चात् जिन हितग्राहियों के आवेदन का तत्काल निराकरण कर उन्हें मौके पर ही लाभ दिया जा सकता है, ऐसे हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले अथवा शिविर के ठीक पूर्व पोर्टल पर दर्ज होने वाले नवीन आवेदनों को भी विचार में लिया जाएगा और उनका भी यथासंभव उसी दिन निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

द्वितीय शिविर ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड में उसी स्थान पर एक बार फिर लगाया जाएगा, जहाँ प्रथम शिविर आयोजित किया गया था। द्वितीय शिविर के आयोजन के दौरान प्रथम शिविर में हितलाभ देने के लिए पात्र पाए गए आवेदकों को स्वीकृति पत्र/हितलाभ प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। दोनों शिविरों में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव अंतिम निराकरण 31 अक्टूबर, 2022 अथवा उससे पूर्व अनिवार्य रूप से किया जाएगा। आवेदकों को संबंधित योजना का हितलाभ स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक प्रदान किया जावे। शिविरों में पात्र पाए गए सभी हितग्राहियों को संबंधित योजना का लाभ प्रदान कर योजना में 100 प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।

जिलों के प्रभारी मंत्री अपने स्तर पर मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेंगे। कलेक्टर जिला स्तर पर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभाग स्तर पर मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के संचालन की नियमित समीक्षा, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण करेंगे। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के लक्ष्यों को समय सीमा में प्राप्त करने में सहायता मिले और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को उस योजना का लाभ मिले, जिसका वह पात्रता रखता है। अभियान के दौरान समग्र डेटा-बेस में नागरिकों के ई-केवायसी कराए जाने का कार्य भी संपादित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत चिन्हांकित हितग्राही मूलक योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, पीएम स्वनिधि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता,समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, 6 वर्ष से अधिक आयु के बहुविकलांग, बौद्विक दिव्यांग के लिये आर्थिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना, नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना, उच्च शिक्षा हेतु शिक्षण शुल्क, जीवन निर्वाह भत्ता, चिकित्सक की अनुशंसा से नि:शुल्क कृत्रिम अंग सहायक उपकरण, आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत भवन संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन, आहार अनुदान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन), किसान क्रेडिट कार्ड (सहकारी बैंकों के माध्यम से), किसान क्रेडिट कार्ड (मछुआ), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (कमर्शियल बैंकों के माध्यम से) शामिल की गई है।

मुख्यमंत्री जनसेवा के लिए मंत्रियों का समूह गठित किसे कहां का जिम्मा ?

नरोत्तम मिश्रा व सुरेश धाकड़ को शिवपुरी-सीधी और बैतूल, गोपाल भार्गव व ओमप्रकाश सकलेचा आगर-मालवा, सिंगरौली, झाबुआ, खंडवा, तुलसी सिलावट व भारत सिंह कुशवाह भिण्ड, शिवपुरी, शाजापुर और रायसेन, विजय शाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर मंडला, अनूपपुर और उमरिया, जगदीश देवड़ा और इंदर सिंह परमार ग्वालियर, बुरहानपुर और हरदा, यशोधरा राजे सिंधिया तथा ऊषा ठाकुर विदिशा, कटनी और नीमच तथा भूपेंद्र सिंह और मीना सिंह अशोक नगर, मुरैना, सतना और शहडोल, प्रेम सिंह पटले तथा ओ.पी.एस. भदौरिया निवाड़ी, पन्ना और नरसिंहपुर, कमल पटेल तथा राजस्व एवं गोविंद सिंह राजपूत देवास, दमोह और उज्जैन, बृजेंद्र सिंह यादव और राजवर्धन सिंह दत्तीगांव जबलपुर, छिंदवाड़ा और राजगढ़, विश्वास सारंग और बृजेंद्र प्रताप सिंह सिवनी, छतरपुर और खरगोन, अरविंद सिंह भदौरिया और रामकिशोर कावरे डिंडोरी, गुना, अलीराजपुर, रीवा तथा प्रभुराम चौधरी और डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़, होशंगाबाद, इंदौर, बड़वानी तथा महेंद्र सिंह सिसोदिया और हरदीप सिंह डंग को भोपाल, सीहोर, दतिया और सागर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रियों को गांव में ही करना होगा रात्रि विश्राम

जनसेवा अभियान के तहत 33 योजनाओं को चिन्हित किया गया है। जिसकी जिम्मेदारी मंत्रियों को सौंपी गई है। मंत्रियों को सीएम के निर्देश हैं कि उन्हें विधानसभा स्तर के साथ ही गांवों में जाकर लोगों से संवाद करना होगा। मंत्रियों को रात में भी गांव में रुकना होगा, कार्यकर्ताओं से रात में चर्चा करनी होगी। सीएम ने कहा कि मंत्री इसकी प्लानिंग करें कि उन्हें कैसे और कब पहुंचना है। जो हितग्राही योजनाएं हैं उनके लिए प्रशासन द्वारा लगाए जाने वाले शिवरों में भी मंत्रियों को मौजूद रहना होगा।योजनाओं के क्रियान्वयन की रिपोर्ट के लिए सात अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। इन सभी ग्रुप के लिए भी मंत्री समूह गठित किए गए हैं। ये समूह जिलों से आने वाली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

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