कांहीवाड़ा में स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीद गोंडवाना के राजा शंकर शाह-कुॅवर रघुनाथ शाह का 165 वाॅ बलिदान दिवस मनाया गया

1857 की क्रांति के नायक थे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह, घुटने टेकने को मजबूर हो गए थे अंग्रेज

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शहादत दिवस पर निकाली रैली किया श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

कांहीवाड़ा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से रविवार को पलारी नगर और आसपास के क्षेत्रों में अमर शहीद गोंडवाना राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह का 165 वाॅ बलिदान दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों ने वीर सपूतों के प्रतिमा पर हल्दी चावल और फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहस वीरता को याद किया।

 

आपको बता दे कि दिनांक 18 सितंबर दिन रविवार को का कांहीवाड़ा के तत्वधान में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें जिले के विभिन्न ब्लाकों से आए कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या मे हिस्सा लिया । सभा में राजा शंकर शाह व रघुनाथ शाह के चित्र पर अतिथियो ने पुष्पांजलि अर्पित कर इसकी शुरुआत की। इसके बाद उक्त दिवस के इतिहास से उपस्थितजन समुदाय को अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1857 में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52वीं रेजीमेंट का कमांडर क्लार्क बहुत ही क्रूर था। वह इलाके के छोटे राजाओं, जमीदारों को परेशान करता था। मनमाना कर वसूलता था। इस पर तत्कालीन गोंडवाना राज्य जो कि मौजूदा जबलपुर और मंडला का इलाका था, वहां के राजा शंकर शाह और उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेज कमांडर क्लार्क के सामने झुकने से इंकार कर दिया। दोनों ने आसपास के राजाओं को अंग्रेजों के खिलाफ इक_ा करना शुरू किया। दोनों बाप-बेटे अच्छे कवि थे और वह अपनी कविताओं के जरिए राज्य में लोगों को क्रांति के लिए प्रेरित किया करते थे।

राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह अपनी सेना के साथ अंग्रेजों का विरोध करना शुरू कर दिए, लेकिन दोनों के पास इतनी सेना नहीं थी कि वे अंग्रेजों से लड़ सकते। इसलिए शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों से लडऩे के लिए सामाजिक आंदोलन चलाया। लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा करने के लिए मुहिम शुरू की। इस बात की भनक जब अंग्रेजों को लगी तो वे डर गए। पिता-पुत्र से डरे अंग्रेजों ने उनकी आवाज दबाने के लिए उनको मारने का षड्यंत्र रचा। अंग्रेजों ने चालाकी से दोनों गोंड राजाओं को गिरफ्तार कर 18 सितंबर 1857 को पिता और पुत्र को तोप के आगे बांधकर उड़ा दिया। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत की याद मे 18 सितंबर को प्रतिवर्ष बलिदान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित होता है।

धनोरा एंव केवलारी ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बड़ी संख्या में पलारी पहुंचे, पलारी से होते हुए वाहन रैली पलारी चौराहा तथा मुख्य मार्ग से होते हुए विभिन्न गांव के लोगों के साथ विशाल रैली कांहीवाड़ा के तत्वधान मैं पहुंची, जहां पर कार्यक्रम मे लोगों ने पूरे जोश एवं उत्साह के साथ बलिदान दिवस को मनाया। कार्यक्रम में सम्मिलित हुए महिला शक्ति का योगदान भी बड़ी संख्या में देखने को मिला। कांहीवाड़ा नगर भ्रमण के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रामगुलाम उईके , पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष सिवनी पीतम सिंह उईके, प्रचार मंत्री जिला सिवनी सचिव कृष्ण कुमार उइके,जिला कार्यवाहक अध्यक्ष गया प्रसाद कुमरे , कृष्ण कुमार धुर्वे सिवनी, ब्लाक छपारा जनपद सदस्य तोफिक खान , प्रदेश उपाध्यक्ष इस्माइल खान ,जहान सिंह मर्सकोले जी जिला संगठन मंत्री, मान सिंह चंद्रवंशी अखिलेश मसकोले युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिडिया प्रभारी संतोष कोरेती जी ब्लॉक केवलारी अध्यक्ष जोगी सरेआम ,उपाध्यक्ष सतीश मर्सकोले, मीडिया प्रभारी चैन सिंह विश्वकर्मा ,सदस्य आदित्य ठाकुर निहाल करोसिया भी सम्मिलित हुए।

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1857 की क्रांति के नायक थे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह, घुटने टेकने को मजबूर हो गए थे अंग्रेज

शहादत दिवस पर निकाली रैली किया श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

कांहीवाड़ा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से रविवार को पलारी नगर और आसपास के क्षेत्रों में अमर शहीद गोंडवाना राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह का 165 वाॅ बलिदान दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों ने वीर सपूतों के प्रतिमा पर हल्दी चावल और फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके साहस वीरता को याद किया।

 

आपको बता दे कि दिनांक 18 सितंबर दिन रविवार को का कांहीवाड़ा के तत्वधान में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें जिले के विभिन्न ब्लाकों से आए कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या मे हिस्सा लिया । सभा में राजा शंकर शाह व रघुनाथ शाह के चित्र पर अतिथियो ने पुष्पांजलि अर्पित कर इसकी शुरुआत की। इसके बाद उक्त दिवस के इतिहास से उपस्थितजन समुदाय को अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1857 में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52वीं रेजीमेंट का कमांडर क्लार्क बहुत ही क्रूर था। वह इलाके के छोटे राजाओं, जमीदारों को परेशान करता था। मनमाना कर वसूलता था। इस पर तत्कालीन गोंडवाना राज्य जो कि मौजूदा जबलपुर और मंडला का इलाका था, वहां के राजा शंकर शाह और उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेज कमांडर क्लार्क के सामने झुकने से इंकार कर दिया। दोनों ने आसपास के राजाओं को अंग्रेजों के खिलाफ इक_ा करना शुरू किया। दोनों बाप-बेटे अच्छे कवि थे और वह अपनी कविताओं के जरिए राज्य में लोगों को क्रांति के लिए प्रेरित किया करते थे।

राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह अपनी सेना के साथ अंग्रेजों का विरोध करना शुरू कर दिए, लेकिन दोनों के पास इतनी सेना नहीं थी कि वे अंग्रेजों से लड़ सकते। इसलिए शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों से लडऩे के लिए सामाजिक आंदोलन चलाया। लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा करने के लिए मुहिम शुरू की। इस बात की भनक जब अंग्रेजों को लगी तो वे डर गए। पिता-पुत्र से डरे अंग्रेजों ने उनकी आवाज दबाने के लिए उनको मारने का षड्यंत्र रचा। अंग्रेजों ने चालाकी से दोनों गोंड राजाओं को गिरफ्तार कर 18 सितंबर 1857 को पिता और पुत्र को तोप के आगे बांधकर उड़ा दिया। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत की याद मे 18 सितंबर को प्रतिवर्ष बलिदान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित होता है।

धनोरा एंव केवलारी ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बड़ी संख्या में पलारी पहुंचे, पलारी से होते हुए वाहन रैली पलारी चौराहा तथा मुख्य मार्ग से होते हुए विभिन्न गांव के लोगों के साथ विशाल रैली कांहीवाड़ा के तत्वधान मैं पहुंची, जहां पर कार्यक्रम मे लोगों ने पूरे जोश एवं उत्साह के साथ बलिदान दिवस को मनाया। कार्यक्रम में सम्मिलित हुए महिला शक्ति का योगदान भी बड़ी संख्या में देखने को मिला। कांहीवाड़ा नगर भ्रमण के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रामगुलाम उईके , पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष सिवनी पीतम सिंह उईके, प्रचार मंत्री जिला सिवनी सचिव कृष्ण कुमार उइके,जिला कार्यवाहक अध्यक्ष गया प्रसाद कुमरे , कृष्ण कुमार धुर्वे सिवनी, ब्लाक छपारा जनपद सदस्य तोफिक खान , प्रदेश उपाध्यक्ष इस्माइल खान ,जहान सिंह मर्सकोले जी जिला संगठन मंत्री, मान सिंह चंद्रवंशी अखिलेश मसकोले युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मिडिया प्रभारी संतोष कोरेती जी ब्लॉक केवलारी अध्यक्ष जोगी सरेआम ,उपाध्यक्ष सतीश मर्सकोले, मीडिया प्रभारी चैन सिंह विश्वकर्मा ,सदस्य आदित्य ठाकुर निहाल करोसिया भी सम्मिलित हुए।

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