कवि समागम : मां चामुंडा की पावन धरा देवास में सिवनी जिले की उभरती कवियित्री स्वाति सनोडिया ने दी प्रस्तुति -साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखन

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सिवनी। साहित्य समन्वय समिति द्वारा गोकुल गार्डन में दो दिवसीय कवि समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक व हिंदी साहित्य समन्वय समिति के अध्यक्ष कवि पंकज जोशी ने बताया कि संपूर्ण देश से आए करीब 150 कवि अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। शुरुआत में वरिष्ठ कविगणों द्वारा सरस्वती पूजन कर एवं माल्यार्पण किया गया। विभिन्न सत्रों में कवियों द्वारा कविताओं का पाठ किया गया।

कवियों को एक माला में पिरोने के लिए एवं नवोदित कवियों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से हिंदी साहित्य समन्वय समिति देवास के तत्वावधान में एवं मीडिया सहयोगी डिजिटल दरवाजा के माध्यम से यह कवि समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र में नवोदित कवियों ने अपने काव्य की प्रस्तुति देकर उपस्थितों वरिष्ठ कवियों का आशीर्वाद लिया।

चतुर्थ सत्र में स्व. पं. बंशीधर जोशी स्मृति सम्मान समारोह में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कवियों का सम्मान किया। कार्यक्रम की शुरुआत कृष्णकांत शर्मा ने मां सरस्वती की वंदना से की। अतिथि के रुप में वरिष्ठ कवि सत्यनारायण सत्तन, हरि जोशी, मदनमोहन समर, एएसपी जगदीश डाबर, डीएसपी किरण शर्मा, ट्रैफिक टीआई सुप्रिया चौधरी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत राजकुमार चंदन, जयप्रकाश तिवारी, कुलदीप रंगीला, भीमसिंह निर्मल, रविंद्र मालवीय, समिति के अध्यक्ष पंकज जोशी ने किया।

आपको बता दे की सिवनी शहर की उभरती कवयित्री स्वाति सनोडिया ने भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई। स्वाति ने कम समय में ही अपनी विशिष्ट शैली और गूड रचनाओ और कविताओ से अपना एव सिवनी जिले का नाम प्रदेश और देश में रोशन कर रही है। देश और प्रदेश में होने वाले कवि सम्मलेन में प्रतिष्टित और नामचीन कवियों के बीच अपनी ओजस्वी आवाज़ में काव्य का पाठन कर रही है उन्हें काव्य से जुड़े विद्वानों का स्नेह और सम्मान मिल रहा है।

दिव्य भूमि लिए दिव्यता लगी बड़ी ही खास

चामुंडा मां संग सहोदरा करती जहां निवास

कैला मां की गोद  संग हमने किया था वास

जय धरा हो   जय धरा     धन्य भूमि देवास।

स्वाति_सनोडिया_पंखुड़ी

देश के प्रसिद्ध कवि काव्यगुरु मध्यप्रदेश की शान आदरणीय सत्यनारायण सत्तन जी, पंकज जोशी जी, डॉ अशोक नागर जी, अजातशत्रु जी, रंजीत सिंह राणा जी, आदरणीय देवकृष्ण व्यास जी, अशोक भाटी जी, राजकुमार राज जी, पंकज अंगार जी, मिट्ठू मिठास जी, सुनीता पटेल जी, शुभम कुमावत, कुलदीप रंगीला जी, गोविंद गजब जी, डॉ अशोक आजाद जी की उपस्थिति में और आदरणीय नितेश नैश जी के शानदार संचालन में, साथी कवियों के साथ मंच पर काव्यपाठ स्वयं को गौरांवित करने वाला और शिक्षाप्रद रहा।

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सिवनी। साहित्य समन्वय समिति द्वारा गोकुल गार्डन में दो दिवसीय कवि समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक व हिंदी साहित्य समन्वय समिति के अध्यक्ष कवि पंकज जोशी ने बताया कि संपूर्ण देश से आए करीब 150 कवि अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। शुरुआत में वरिष्ठ कविगणों द्वारा सरस्वती पूजन कर एवं माल्यार्पण किया गया। विभिन्न सत्रों में कवियों द्वारा कविताओं का पाठ किया गया।

कवियों को एक माला में पिरोने के लिए एवं नवोदित कवियों को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से हिंदी साहित्य समन्वय समिति देवास के तत्वावधान में एवं मीडिया सहयोगी डिजिटल दरवाजा के माध्यम से यह कवि समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र में नवोदित कवियों ने अपने काव्य की प्रस्तुति देकर उपस्थितों वरिष्ठ कवियों का आशीर्वाद लिया।

चतुर्थ सत्र में स्व. पं. बंशीधर जोशी स्मृति सम्मान समारोह में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कवियों का सम्मान किया। कार्यक्रम की शुरुआत कृष्णकांत शर्मा ने मां सरस्वती की वंदना से की। अतिथि के रुप में वरिष्ठ कवि सत्यनारायण सत्तन, हरि जोशी, मदनमोहन समर, एएसपी जगदीश डाबर, डीएसपी किरण शर्मा, ट्रैफिक टीआई सुप्रिया चौधरी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत राजकुमार चंदन, जयप्रकाश तिवारी, कुलदीप रंगीला, भीमसिंह निर्मल, रविंद्र मालवीय, समिति के अध्यक्ष पंकज जोशी ने किया।

आपको बता दे की सिवनी शहर की उभरती कवयित्री स्वाति सनोडिया ने भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई। स्वाति ने कम समय में ही अपनी विशिष्ट शैली और गूड रचनाओ और कविताओ से अपना एव सिवनी जिले का नाम प्रदेश और देश में रोशन कर रही है। देश और प्रदेश में होने वाले कवि सम्मलेन में प्रतिष्टित और नामचीन कवियों के बीच अपनी ओजस्वी आवाज़ में काव्य का पाठन कर रही है उन्हें काव्य से जुड़े विद्वानों का स्नेह और सम्मान मिल रहा है।

दिव्य भूमि लिए दिव्यता लगी बड़ी ही खास

चामुंडा मां संग सहोदरा करती जहां निवास

कैला मां की गोद  संग हमने किया था वास

जय धरा हो   जय धरा     धन्य भूमि देवास।

स्वाति_सनोडिया_पंखुड़ी

देश के प्रसिद्ध कवि काव्यगुरु मध्यप्रदेश की शान आदरणीय सत्यनारायण सत्तन जी, पंकज जोशी जी, डॉ अशोक नागर जी, अजातशत्रु जी, रंजीत सिंह राणा जी, आदरणीय देवकृष्ण व्यास जी, अशोक भाटी जी, राजकुमार राज जी, पंकज अंगार जी, मिट्ठू मिठास जी, सुनीता पटेल जी, शुभम कुमावत, कुलदीप रंगीला जी, गोविंद गजब जी, डॉ अशोक आजाद जी की उपस्थिति में और आदरणीय नितेश नैश जी के शानदार संचालन में, साथी कवियों के साथ मंच पर काव्यपाठ स्वयं को गौरांवित करने वाला और शिक्षाप्रद रहा।

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