पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर निकाली रैली:धरना देकर PM और CM के नाम सौंपा ज्ञापन

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शिक्षको ने एक स्वर में की नारेबाजी “दिग्गी” भी पछताया था “मामा” भी पछताएंगे

सिवनी। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले किए जा रहे इस प्रदर्शन और रैली में अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला मुख्यालय पर रविवार को 1000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्रित हुए।  अध्यापकों ने एक स्वर में नारे लगाए कि, दिग्गी भी पछताया था, मामा भी पछताएंगे, हम अपना अधिकार मांगते, हम किसी से भीख नहीं मांगते। इस रैली में सैकड़ों की संख्या में महिला अध्यापक शामिल हुईं। बता दें कि अध्यापकों का विरोध प्रदर्शन अंबेडकर चौक में 19 सितंबर से किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों का कहना है कि पुरानी पेंशन की बहाली सरकार को करना चाहिए। साथ ही नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने, क्रमोन्नति, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य विभिन्न मांगों को पूरा करना चाहिए। अध्यापकों ने बताया कि बीते 3 से 4 सालों से लगातार अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखने के बाद मांग पूरी नहीं हुई, ऐसी स्थिति में प्रदेशभर में अध्यापक हड़ताल में हैं।अध्यापकों ने बताया कि सरकार ने एनपीएस व्यवस्था लागू की है, जो शेयर मार्केट पर आधारित व्यवस्था है। इसके कारण सेवानिवृत्त होने वाले कई अध्यापकों को वेतन अनुसार पेंशन के नाम पर मात्र 800 से 1200 रुपए तक ही पेंशन दी जा रही है।

शिक्षकों ने बताया कि कर्मचारियों के बल पर लगातार सरकार बनाने में सफल रहने वाली शिवराज सरकार के लिए आने वाला समय कठिनाइयों से भरा रहने वाला है। मप्र का हर विभाग का कर्मचारी इस समय पुरानी पेंशन की मांग पर आंदोलित है। शिवराज जी जिस अध्यापक संवर्ग को अपना वोट बैंक मानते रहे इस समय वही उनके विरोध में प्रदेश भर में न्याय यात्रा निकाल एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने जा रहा है।

आठों ब्लाक के शिक्षक हुए शामिल

जिला अध्यक्ष विपनेश जैन ने बताया की आज 25 सितम्बर दिन रविवार कों कचहरी चौक गांधी भवन में जिले के आठों ब्लॉक के शिक्षक/अध्यापक संवर्ग ने उपस्थित होकर एक दिन का धरना/रैली करके मांगो के समर्थन के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से सीएम,पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा है।

चार साल से अटके मामले

राज्य शिक्षक संघ सिवनी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गजेन्द्र बघेल ने बताया कि हमारी मुख्य मांग पुरानी पेंशन की बहाली हैं।परंतु विगत चार साल से शिक्षकों की वरिष्ठता के मामले को सरकार ने उलझा रखा है। राज्य शिक्षा सेवा के गठन 2018 से अब तक वरिष्ठता को ही परिभाषित नही कर पाई है सरकार,जिसके कारण शिक्षकों में आक्रोश और अनिश्चितता की स्थिति है। वही क्रमोन्नति-पदोन्नति, अनुकंपा और नवनियुक्त शिक्षकों की परिवीक्षा और पूर्ण वेतन पर भी सरकार मौन है।

अन्य राज्यो ने दी पेंशन:-

बताया गया कि देश के गैर भाजपा शासित राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड ने अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल कर दी है। इससे प्रदेश के आंदोलित शिक्षक भी मानते है कि प्रदेश सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती।

कांग्रेस, आप सहित अन्य पार्टियों ने दिया समर्थन

वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अनेकों स्थानों पर सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दी है। साथ ही अन्य पार्टियों ने भी समर्थन दिया है।

ज्ञापन सौंपते समय NMOPS के प्रान्तध्यक्ष परमानन्द डहेरिया, राज्य शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष विपनेश जैन,TWTA के प्रान्त अध्यक्ष डी के सिंगोर,महेन्द्र पंड्या,कपिल सनौड़िया,शिक्षक संघ के विजय शुक्ला, नरेंद्र मिश्रा,डी बी नायर, कृष्णा साहू, अरुण सैनी, कोमल गडपाल,श्रावण डहर वाल,डी पी राज पाल लिपिक वर्ग,गजेंद्र बघेल,ब्लॉक अध्यक्ष सिवनी बृजमोहन सनौड़िया सहित सैंकड़ो शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।

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शिक्षको ने एक स्वर में की नारेबाजी “दिग्गी” भी पछताया था “मामा” भी पछताएंगे

सिवनी। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले किए जा रहे इस प्रदर्शन और रैली में अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला मुख्यालय पर रविवार को 1000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्रित हुए।  अध्यापकों ने एक स्वर में नारे लगाए कि, दिग्गी भी पछताया था, मामा भी पछताएंगे, हम अपना अधिकार मांगते, हम किसी से भीख नहीं मांगते। इस रैली में सैकड़ों की संख्या में महिला अध्यापक शामिल हुईं। बता दें कि अध्यापकों का विरोध प्रदर्शन अंबेडकर चौक में 19 सितंबर से किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों का कहना है कि पुरानी पेंशन की बहाली सरकार को करना चाहिए। साथ ही नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने, क्रमोन्नति, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य विभिन्न मांगों को पूरा करना चाहिए। अध्यापकों ने बताया कि बीते 3 से 4 सालों से लगातार अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखने के बाद मांग पूरी नहीं हुई, ऐसी स्थिति में प्रदेशभर में अध्यापक हड़ताल में हैं।अध्यापकों ने बताया कि सरकार ने एनपीएस व्यवस्था लागू की है, जो शेयर मार्केट पर आधारित व्यवस्था है। इसके कारण सेवानिवृत्त होने वाले कई अध्यापकों को वेतन अनुसार पेंशन के नाम पर मात्र 800 से 1200 रुपए तक ही पेंशन दी जा रही है।

शिक्षकों ने बताया कि कर्मचारियों के बल पर लगातार सरकार बनाने में सफल रहने वाली शिवराज सरकार के लिए आने वाला समय कठिनाइयों से भरा रहने वाला है। मप्र का हर विभाग का कर्मचारी इस समय पुरानी पेंशन की मांग पर आंदोलित है। शिवराज जी जिस अध्यापक संवर्ग को अपना वोट बैंक मानते रहे इस समय वही उनके विरोध में प्रदेश भर में न्याय यात्रा निकाल एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने जा रहा है।

आठों ब्लाक के शिक्षक हुए शामिल

जिला अध्यक्ष विपनेश जैन ने बताया की आज 25 सितम्बर दिन रविवार कों कचहरी चौक गांधी भवन में जिले के आठों ब्लॉक के शिक्षक/अध्यापक संवर्ग ने उपस्थित होकर एक दिन का धरना/रैली करके मांगो के समर्थन के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से सीएम,पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा है।

चार साल से अटके मामले

राज्य शिक्षक संघ सिवनी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गजेन्द्र बघेल ने बताया कि हमारी मुख्य मांग पुरानी पेंशन की बहाली हैं।परंतु विगत चार साल से शिक्षकों की वरिष्ठता के मामले को सरकार ने उलझा रखा है। राज्य शिक्षा सेवा के गठन 2018 से अब तक वरिष्ठता को ही परिभाषित नही कर पाई है सरकार,जिसके कारण शिक्षकों में आक्रोश और अनिश्चितता की स्थिति है। वही क्रमोन्नति-पदोन्नति, अनुकंपा और नवनियुक्त शिक्षकों की परिवीक्षा और पूर्ण वेतन पर भी सरकार मौन है।

अन्य राज्यो ने दी पेंशन:-

बताया गया कि देश के गैर भाजपा शासित राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड ने अपने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल कर दी है। इससे प्रदेश के आंदोलित शिक्षक भी मानते है कि प्रदेश सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती।

कांग्रेस, आप सहित अन्य पार्टियों ने दिया समर्थन

वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अनेकों स्थानों पर सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दी है। साथ ही अन्य पार्टियों ने भी समर्थन दिया है।

ज्ञापन सौंपते समय NMOPS के प्रान्तध्यक्ष परमानन्द डहेरिया, राज्य शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष विपनेश जैन,TWTA के प्रान्त अध्यक्ष डी के सिंगोर,महेन्द्र पंड्या,कपिल सनौड़िया,शिक्षक संघ के विजय शुक्ला, नरेंद्र मिश्रा,डी बी नायर, कृष्णा साहू, अरुण सैनी, कोमल गडपाल,श्रावण डहर वाल,डी पी राज पाल लिपिक वर्ग,गजेंद्र बघेल,ब्लॉक अध्यक्ष सिवनी बृजमोहन सनौड़िया सहित सैंकड़ो शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।

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