स्वस्थ होने के बाद भी 90 दिनों तक रहते हैं कोविड-19 लक्षण । कमजोरी ,थकान और डिप्रेशन का खतरा बरकरार ।

नई दिल्ली कार्यालय ।
लगभग 24 घंटे पहले भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने अंततः स्वीकार कर लिया है कि भारत में पिछले 50 से 60 दिनों के अंतराल में महामारी से जुड़ी हुई स्थितियां अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन के रूप में स्थानांतरित हो चुकी है । वहीं दूसरी ओर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का कल का दावा भी कई शंका एवं भ्रम के बीच स्पष्ट हो चला है , ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार कोरोना वायरस से ठीक हो चुके लोगों के अंदर 90 दिनों तक संक्रमण के लक्षण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते रहते हैं जिसके कारण शरीर में कमजोरी थकान अनिद्रा सहित डिप्रेशन की स्थितियां भी सामने आ सकती हैं । इसके लिए आवश्यक रूप से मल्टीविटामिन का उपयोग एवं योग के साथ-साथ पैदल चलने पर विशेष जोर दिय। गया है । ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च के दावे के अनुसार और भी कई तरह के लक्षण लगभग 90 दिनों तक बनी रहती है जिनके कारण मानसिक रूप से स्वस्थ होने के बाद भी व्यक्ति परेशान रहता है ।
लंबे समय तक रहेगा शरीर में असर ।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अस्पताल में एडमिट कोविड-19 के 58 रोगियों में लंबे समय तक इस बीमारी का असर देखा है. उन्होंने पाया कि कोरोनो वायरस से संक्रमित कुछ रोगियों के मल्टीपल ऑर्गेन्स (अंग) असामान्य स्थिति में रहते हैं. उनमें लगातार सूजन होने की वजह से ये समस्या कुछ महीनों तक बनी रहती है. इस स्टडी की अब तक दूसरे वैज्ञानिकों ने समीक्षा नहीं की है. हालांकि इसकी समीक्षा होने से पहले ही यह MedRxiv में प्रकाशित हो चुकी है.ऑक्सफोर्ड के रेडक्लिफ डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर बैटी रमन ने कहा, ‘ये निष्कर्ष कोविड-19 से जुड़ी शारीरिक प्रक्रियाओं का अधिक पता लगाने की जरूरतों को दर्शाता है. साथ ही क्लीनिक केयर के एक ऐसे मॉडल को विकसित करने की ओर इशारा करता है जिससे डिस्चार्ज हुए मरीजों की हेल्थ को मॉनिटर किया जा सके.’ब्रिटेन के नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च (NIHR) में पिछले सप्ताह प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कोविड-19 से होने वाली बीमारी जिसे कभी-कभी ‘लॉन्ग कोविड’ भी कहा जाता है, इसमें शरीर और दिमाग पर असर डालने वाले कई लक्षण शामिल हैं.’ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के परिणाम बताते हैं कि वायरस के संपर्क में आने के दो से तीन महीनों बाद 64 प्रतिशत मरीजों में सांस की तकलीफ देखी गई है. जबकि 55 प्रतिशत रोगियों में थकान का लक्षण देखा गया है.MRI स्कैन से 60 फीसद कोविड-19 मरीजों के अंग असामान्य स्थिति में देखे गए हैं. किडनी में 29%, हृदय में 26% और लिवर में 10% बदलाव आया है. डॉ. रमन ने कहा, ‘अंगों में देखी गई ये असामान्यताएं इन्फ्लेमेशन के सीरम मार्कर के साथ मजबूती से जुड़ी हुई हैं. इससे रोगियों में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन और अंगों में हो रही क्षति के बीच जुड़ाव का पता चलता है

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