…….गर जांच हुई तो कई लाखों के गबन का हो सकता है उजागर

भ्रष्टाचार की चरम सीमा को लांघ चुकी है ग्राम पंचायत गोरखपुर
गोरखपुर प्रभारी सचिव इमराम खान का गोरख धंधा

ब्यूरो रिपोर्ट सिवनी। विकासखण्ड धनौरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरखपुर में पदस्थ रोजगार सहायक इमराम खान द्वारा मनमानी कर अपने पदीय कर्तव्यों के विरूद्ध खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। रोजगार सहायक के इस रवैये से ग्रामवासी अत्यधिक परेशान नजर आ रहे है, जिसमें शासन प्रशासन की उदासीनता संदेहास्पद प्रतीत हो रही है। कई लाखों रूपयों का हेर-फेर करने वाली इस पंचायत के रोजगार सहायक के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं, जिसके परिणाम स्वरूप इन पंचायतकर्मियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं, इसे किसी का खौफ नहीं है और खौफ होगा भी कैसे, क्योंकि ये कहते फिर रहे है कि इनके उपर राजनैतिक सरंक्षण है इनका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता, इनकी जनपद पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक सांठ-गांठ है।
प्राप्त जानकारी से ज्ञात होवे कि ग्राम पंचायत गोरखपुर इस समय भ्रष्टाचार की चरम सीमा को पार कर चुकी है। जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों ज्ञापन देकर रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत कर जांच की मांग की है।
ज्ञात होवे कि शिकायत के ज्ञापन में उन्होने रोजगार सहायक इमरान खान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुये कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में प्रत्येक हितग्राहियों से रोजगार सहायक द्वारा तीन हजार से दस हजार रूप्ये रिश्वत ली गई है न देने पर उनकी किश्त रोकने का भय दिखाया जा रहा है, जिसके चलते मजबूरीवश हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से रोजगार सहायक को उसकी मांग अनुसार रिश्वत देनी पड़ रही हैं, साथ ही रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा के अंतर्गत अपने चहेतों के खाते में फर्जी तरीके से हाजिरी भरकर शासकीय राशि का बंदरबाट किया जा रहा है, यहि नही बल्कि निर्माण कार्यो में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है, शिकायत के ज्ञापन में आगे ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुये कहा है कि रोजगार सहायक द्वारा बिना सेफ्टी टेंक के लीपापोती कर शौंचालय निर्माण कराया गया है, और राशि आहरण कर ली गई है, उक्त निर्मित शौंचालय सिर्फ नहाने के उपयोग का हैं आज भी ग्रामवासी खुले में शौंच करने को मजबूर हैं, जबकि शासन द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत ग्रामीणों को खुले में शौंच से मुक्त कराने हेतू प्रत्येक घरों में शौंचालय निर्माण किया जाना सुनिश्चत किया गया है। जिसके लिये शासन प्रत्येक हितग्राही को प्रोत्साहित करने हेतू शौंचालय निर्माण पूर्ण होने के पश्चात 12,000 हजार रूपये प्रति हितग्राही के खाते में प्रोत्साहन के रूप में प्रदान कर रही है। परंतु ग्राम पंचायत में बैठे उक्त भ्रष्ट कर्मियों द्वारा हितग्राहियों से धोखाधड़ी कर फर्जी रूप से शासन द्वारा हितग्राही को प्रदान की गई प्रोसाहन राशि आहरण किया जा रहा है, और स्वयं के भक्षण में भरा जा रहा है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत गोरखपुर में पदस्थ रोजगार सहायक के द्वारा शासन की योजना का लाभ दिलाने के लिये खुली दुकानदारी खोल दी गई है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में आवेदन में दर्शित हितग्राही शोषित है और रोजगार सहायक को उनकी मांग अनुसार राशि नहीं देता उसे योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है। पंचायत द्वारा किये गये व्यापक स्तर के शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा मद से फर्जी हाजिरी के प्रकरण सहित आवेदन में दर्शित लोगों के आरोपो के अनुसार जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा के साथ रोजगार सहायक को पद से प्रथक करने की मांग की गई है।

 

बिना काम के फर्जी बिल लगाकर किया जा रहा है राशि का आहरण

वहीं ग्रामीणों ने रोजगार सहायक/प्रभारी सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा है कि ग्राम बलपुरा में कूप सफाई के नाम पर फर्जी बिल, फर्जी हाजिरी लगाकर रोजगार सहायक द्वारा राशि आहरण कर स्वयं के भक्षण में भरा गया है। उन्होने बताया कि सरपंच बखतलाल आदिवासी समाज का है ओर अनपढ़ है जिसे रोजगार सहायक द्वारा गुमराह कर सरपंच का रजिस्टर्ड ओ.टी.पी. वाला मोबाईल सिमकार्ड रख लिया गया है और मनमाने तरीके से अनपढ़ सरपंच को अंधेरे में रखकर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि आहरण कर बंदरबाट किया जा रहा है।

 

पंचायत भवन में लगा रहता है ताला

शिकायत के ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि रोजगार सहायक अपनी मनमर्जी से महिने में एक या दो बार ग्राम पंचायत खोलता है जिससे हम ग्रामवासियों को ग्राम पंचायत से संबंधित प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने में या अन्य दस्तावेजों में सरपंच सचिव के हस्ताक्षर कराने में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरपंच बखतलाल ने भी बताया कि ग्राम पंचायत की चाबी रोजगार सहायक के पास रहती है मेरे द्वारा कई बार मांगने पर आज दिनांक तक मुझे पंचायत भवन की चाबी नहीं दी गई।
विगत दो-तीन वर्षों से ग्राम पंचायत में नहीं है सचिव
ग्राम पंचायत में विगत दो-तीन वर्षों से सचिव नहीं है और रोजगार सहायक सचिव के प्रभार में है, जो कि अपनी मनमानी कर निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़ा कर रहा है, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल ग्राम पंचायत में सचिव की व्यवस्था की जावे ताकि शासन की जनहित में चलाई जा रही महात्वकांक्षी योजनाओं से ग्रामीण सुचारू रूप लाभान्वित हो सकें।

निर्माण कार्यों में की जा रही भारी अनियमित्ताएं

रोजगार सहायक द्वारा सी.सी. रोड का निर्माण किया गया है जो कि बिना बेस और रेत की जगह डस्ट का उपयोग कर गुणवत्ताविहीन निर्माण किया गया है। यहि नहीं बल्कि ग्राम में हुये अन्य निर्माण कार्यों में घटिया मटेरियल का उपयोग कर लीपा-पोती की गई है, जिसकी जांच के लिये ग्रामीणों ने मांग की है। वहीं गोरखपुर में हितग्राही अकबन खाॅं और अवैश खाॅं के नाम से तालाब बनाया गया जिसमें लगभग 11 लाख रूप्ये व्यय किया गया है जबकि उक्त तालाब निर्माण हितग्राही की निजि भूमि में किया जाना प्रस्तावित है किन्तु रोजगार सहायक द्वारा हितग्राहियों से सांठ-गांठ कर उक्त तालाब को सरकारी भूमि में बनाया गया है और शासकीय राशि का बंदरबाट किया गया है।

प्रभारी सचिव इमरान पोत रहा पंचायती राज के मुंह पर कालिख, सरपंच ने खोली पोल

ज्ञात होवे कि पंचायती राज पर भ्रष्टाचारियों के द्वारा कालिख पोतने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं और कालिख पोतने वाले भ्रष्टाचारी जेल की सलाखों के पीछे भी अपने कर्मों की सजा भोग रहे हैं। इसी तरह पंचायती राज में भ्रष्टाचार की बानगी सिवनी जिले की जनपद पंचायत धनौरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरखपुर में देखने को मिली जो सुनवारा मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर है।

यहां पदस्थ रोजगार सहायक इमरान खान जो प्रभारी सचिव है एक अनपढ़ बहुत ही सीधे-साधे सरपंच बखतलाल के होने का गलत फायदा उठाते हुए भ्रष्टाचार की नई इबारतें लिख रहा है। जिसके काले कारनामों की अति होने के बाद अब ग्रामीणों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विभिन्न स्तर पर शिकायतें और मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बयां करते हुए उक्त प्रभारी सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रशासन से मांग की है तो वही सबसे चैंकाने वाला तथ्य यह है कि सरपंच बखतलाल ने भी कैमरे के सामने भ्रष्टाचार की सारी पोल खोल कर रख दी है।

ग्रामीण हुए लामबंद, सचिव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्राम पंचायत गोरखपुर के भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक जो वर्तमान में सचिव के पद पर कार्य कर रहा है भ्रष्टाचार की नई-नई ईबारतें लिख रहा है। उच्च राजनीतिक संरक्षण प्राप्त उक्त प्रभारी सचिव इमरान की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचारी कारनामों से परेशान ग्रामीणों ने अब इसके खिलाफ मुखरता से मोर्चा खोल दिया है और एक-एक करके उसके सारे भ्रष्टाचार की पोल कैमरे में बयां कर दी है। ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बलपुरा निवासी मुस्ताक खान, गफूर खान, गुलाबवती बाई समेत अनेकों ग्रामीणों ने आवास योजना में लाभ दिलाने के एवज में प्रभारी सचिव इमरान खान द्वारा अवैध तरीके से रिश्वत लेने का आरोप लगाया तो वहीं अन्य कई लोगों ने इमरान पर रिश्वत की डिमांड एवं निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं इसके साथ ही लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने पीड़ित ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए इमरान के भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है सभी ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपना दुखड़ा बयान करने के साथ-साथ सीएम हेल्पलाईन में व लिखित रूप से भी शिकायत उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है जिसमें तत्काल इमरान को निलंबित कर उसके समस्त काले कारनामों की गहन जांच कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति की मांग प्रशासन से की है। तो वहीं सरपंच बखतलाल ने भी प्रभारी सचिव इमरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सचिव द्वारा उसको अंधेरे में रखते हुए उसका ओटीपी वाला मोबाइल ले लिया गया है और जमकर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का गोलमाल किया जा रहा है साथ ही भ्रष्टाचार के अनेकों गंभीर आरोप इमरान पर लगाते हुए सारी पोल खोल कर रख दी है।

उच्च राजनीतिक संरक्षण का नाजायज फायदा उठा रहा है इमरान

गोरखपुर का सचिव इमरान खान को उच्च राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। जिसके संबंधी एक राजनीतिक दल के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठते बैठते हैं नाजायज राजनीतिक संरक्षण के चलते इमरान बेखौफ तरीके से सरपंच को अंधेरे में रखकर फर्जी तरीके से बिलों का आहरण, फर्जी मजदूरों की हाजिरी, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराना, फर्जी बिल लगाना, हितग्राहियों से रिश्वत मांगना जैसे गंभीर भ्रष्टाचारी कार्य कर रहा है। इसके बावजूद इसे पूर्व में कलेक्टर द्वारा बेस्ट रोजगार सहायक के रूप में सम्मानित किया जा चुका है जिस पर प्रशासन की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं तो वहीं यह रोजगार सहायक संघ का एक पदाधिकारी है जिसके ऊपर संघ के बड़े-बड़े लोगों का हाथ है। इन अनुचित संरक्षणों के चलते इसकी पोल अब तक नहीं खुल पाई थी इसका पाप का घड़ा छलका नहीं था चूंकि अब पाप का घड़ा भर चुका है तो छलखना भी लाजमी है। अब जबकि इसके भ्रष्टाचारी कारनामे उजागर हो रहे हैं तो यह बौखला गया है और उच्च राजनीतिक संरक्षण और सांठ-गांठ का हवाला देते हुए यहां वहां कहता फिर रहा है कि उसका कोई बाल बांका नहीं कर सकता उसकी जनपद से लेकर जिला पंचायत तक सांठ-गांठ है और जो भी ग्रामीण या ग्रामीणों के पक्ष में पत्रकार उसके खिलाफ जाएंगे उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लदवा देगा।

एक अदने से रोजगार सहायक/प्रभारी सचिव की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार की बानगी के बावजूद उसके बुलंद हौसले लोकतंत्र और पंचायती राज को चुनौती देने वाले हैं अब देखना यह है कि ईमानदार छवि के जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे कितनी जल्दी इस भ्रष्टाचारी रोजगार सहायक को उसके अंजाम तक पहुंचाते हैं?
वहीं ग्रामवासियों ने अपेक्षा जताई गई है कि तत्काल ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की सूक्ष्मता से जांच कर उक्त दोषी रोजगार सहायक के विरूद्ध ग्राम स्वराज अधिनियम के अंतर्गत पद से पृथक किया जावे, और इनके द्वारा किये गये गबन की राशि भी वसूली जावे।

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खैरा पलारी ग्राम पंचायत बस स्टैंड में सुलभ शौचालय निर्माण होना चाहिए

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